राजस्थान में मंदिर तोड़ने पर कथावाचक प्रदीप मिश्रा का बयान, शिवभक्तों के बीच कही ये बड़ी बात
रतलाम, 25 अप्रैल: राजस्थान के अलवर जिले में 300 साल पुराने शिव मंदिर को तोड़ने पर शिव भक्तों में गुस्सा है, जहां राजस्थान से लेकर प्रदेश के अन्य जिलों में इस कार्रवाई का विरोध तेज होता चला जा रहा है. शिव मंदिर को तोड़ने की इस कार्रवाई पर रतलाम में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के दौरान भक्तों के बीच बड़ा बयान दिया है, जिसमें पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि, वह तोड़ते रहे हम बनाते रहेंगे, उसमें क्या टेंशन है. जमीन के मंदिर तोड़ सकते हो, पर यह सनातनी के दिल में जो मंदिर बन गया उसको कैसे तोड़ोगे महाराज, और किस तरह से तोड़ोगे. हमारा तो केवल इतना सा निवेदन था, मंदिर तोड़ना ही था, तो कम से कम उसके अंदर जो धरोहर रखी थी, 300 वर्ष पुरानी, जिसको पुरातत्व विभाग को देना था. मेरे शंकर, कार्तिकेय, मां पार्वती और गणेश जी इनको धीरे से नीचे से हाथ जोड़कर निकाल लेते और उसको पुरातत्व विभाग को ही दे देते तो भी दिल में प्रसन्नता होती, पर जिसके कर्म का दंड, जो भोगे.
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ऐसा है पूरा घटनाक्रम
राजस्थान के अलवर जिले में 300 साल पुराना शिव मंदिर स्थानीय प्रशासन ने अतिक्रमण की कार्रवाई में तोड़ दिया, जहां इसे लेकर एक तरफ सियासत का सिलसिला शुरू हो गया है, तो वहीं दूसरी तरफ शिव भक्तों में भी इस कार्रवाई को लेकर गुस्सा है. इस बीच रतलाम में हो रही कथा के दौरान प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए, बड़ा बयान दिया है.
रायसेन शिव मंदिर के ताले खोलने की उठाई थी मांग
हाल ही में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान रायसेन स्थित शिव मंदिर का जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से ताले में बंद शिव मंदिर को खोलने की मांग उठाई थी, जिसके बाद से प्रदेश में सियासत का सिलसिला फिर तेज हुआ, जहां कई राजनीतिक दलों और हिंदू संगठनों ने पंडित प्रदीप मिश्रा की बात का समर्थन किया था.












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