MP Assembly Election 2023 में बढ़ सकती है कड़कनाथ की डिमांड, अभी से तैयार हो रहे चूजे
MP में साल 2023 के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों का सिलसिला जारी है। वहीं विधानसभा चुनाव को देखते हुए कड़कनाथ पालकों ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है, जहां अबकी बार कड़कनाथ पालकों को उम्मीद है की ठंड के मौसम में चुनाव होने से कड़कनाथ की बिक्री दोगुनी हो जाएगी।
कड़कनाथ पालकों की माने तो अक्सर चुनावी मौसम में दूसरे राज्यों से झाबुआ आने वाले नेताओं और राजनीतिक दलों के लोग कड़कनाथ की डिमांड करते हैं, इसी को देखते हुए कड़कनाथ मुर्गे समय पर मिल सके इसके लिए अभी से चूजों को तैयार किया जा रहा है। कड़कनाथ पालन से जुड़े लोग बताते हैं की, चुनाव के कड़कनाथ मुर्गा महंगा हो जाता है, जहां चुनाव पीक पर आने यह 2 से 3 हजार रुपए प्रति नग तक बिकता है।

झाबुआ की पहचान है कड़कनाथ
झाबुआ मध्यप्रदेश का आदिवासी बाहुल्य जिला है। इस जिले की पहचान यहां पर पाई जाने वाली मुर्गी की प्रजाति कड़कनाथ के कारण पूरे देश में है। कड़कनाथ कुक्कुट आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिला ही नहीं अपितु मध्यप्रदेश राज्य का गौरव है तथा वर्तमान में कड़कनाथ झाबुआ जिले की पहचान बना हुआ है। कड़कनाथ की उत्पति कठ्ठिवाड़ा, आलीराजपुर के जंगलों में हुई है। क्षेत्रीय भाषा में कड़कनाथ को कालामासी भी कहा जाता है, क्योंकि इसका मॉस, चोंच, कलंगी, जुबान, टांगे, नाखून, चमड़ी इत्यादि काली होती है।
ठंड में बढ़ती है कड़कनाथ की डिमांड
मध्यप्रदेश के झाबुआ, अलीराजपुर और अन्य जिलों में पाए जाने वाला कड़कनाथ मुर्गा वैसे तो अपने औषधीय गुणों के चलते देश भर में प्रसिद्ध है, लेकिन कड़कनाथ मुर्गे का स्वाद भी बेहद ही लजीज होता है।कड़कनाथ मुर्गा गहरे काले रंग का होता है, साथ ही इसका मांस और खून भी काले रंग का होता है। कड़कनाथ की तासीर गर्म होने के कारण बारिश और ठंड में इसकी डिमांड बढ़ती है। साल 2023 के आखिर में विधानसभा चुनाव भी ठंड के ही मौसम में होने हैं। इसी के मद्देनजर कड़कनाथ की डिमांड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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