MP news : एक बार फिर बढ़ सकते हैं दूध के दाम, ये है बड़ा कारण
इंदौर, 9 अक्टूबर : देशभर के साथ ही मध्य प्रदेश में भी लंबी वायरस का कहर देखने मिल रहा है, जहां लंपी वायरस के चलते कई गाय प्रभावित नजर आ रही है। यही कारण है कि, लगातार लंपी वायरस का प्रभाव बढ़ने के कारण अब दूध के उत्पादन पर भी इसका सीधा असर पड़ने लगा है, जिसके चलते अब दूध के उत्पादन में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की जा रही है। मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दूध उत्पादन में गिरावट दर्ज होने के बाद अब एक बार फिर दूध की कमी महसूस होने लगी है, जहां डिमांड बढ़ रही है तो वहीं दूध की कमी भी देखी जा रही है।

बढ़ सकते हैं दूध के दाम
जानकारों की मानें तो जिस तरह से लगातार दूध की डिमांड बढ़ती चली जा रही है, देखा जाए तो आने वाले दिनों में दूध के दामों में बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसके पीछे का सीधा कारण लंपी वायरस को भी माना जा रहा है। एक तरफ जहां लगातार लंपी वायरस का कहर बढ़ता चला जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ चारे के बढ़ते दाम भी किसानों के लिए संकट बने हुए हैं, जिसके चलते भी अब दूध उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। वहीं अब यदि लगातार इसी तरह से लड़ते रहे तो आने वाले दिनों में दूध के दामों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

जानिए क्या है लंपी वायरस?
राजस्थान और अब मध्यप्रदेश में दहशत फैलाने वाला लंपी वायरस मुख्य रूप से पशुओं में होने वाली एक बीमारी है, जिसमें पशुओं को बुखार आना, लार निकलना, शरीर में गठान, घाव और आंख-नाक से खून निकलना जैसे लक्षण शामिल है। यह बीमारी मुख्य रूप से पशुओं में फैलती है। यही कारण है कि, इस बीमारी ने अब पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। उधर, इस बीमारी के फैलने का मुख्य कारण मच्छर और मक्खियों को बताया जा रहा है, जहां मच्छर और मक्खी एक पशु से दूसरे पशु पर जा कर बैठते हैं, और इससे यह संक्रमण फैलता है।

इसलिए खतरनाक है लंपी वायरस
लंबी वायरस मुख्य रूप से पशुओं में होने वाली एक बीमारी है। इन दिनों भारत देश में भी यह वायरस तेजी से अपने पैर पसार रहा है, जहां राजस्थान राज्य में मचे हड़कंप के बाद अब इस वायरस ने मध्यप्रदेश में टेंशन बढ़ा दी है। यह वायरस इसलिए भी बेहद खतरनाक है क्योंकि पशुओं के संक्रमित होने के लगभग 6 से 7 दिन बाद इस वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं, और तब तक संक्रमित पशु के संपर्क में आने से अन्य पशु भी संक्रमित हो जाते हैं। यही कारण है कि, लंपी वायरस को लेकर अब सतर्क रहने की आवश्यकता है।

इन उपायों से हो सकता है बचाव
लंपी वायरस से यदि बचाव की बात करें तो इसमें मुख्य रूप से पशुओं को बीमार पशुओं के संपर्क में आने से रोकना होगा। इसी के साथ सार्वजनिक जगहों पर पशुओं को चढ़ाने या नहलाने से इस बीमारी के बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही लक्षणों का पता चलने पर तुरंत चिकित्सकों से पशुओं का इलाज कराया जाए, जिससे इस बीमारी से बचा जा सकता है।












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