Indore News: लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: जनपद पंचायत कार्यालय गंधवानी के लेखापाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
MP News: मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर लोकायुक्त इकाई द्वारा गंधवानी जनपद पंचायत कार्यालय के लेखापाल मनोज कुमार बैरागी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त श्री जयदीप प्रसाद के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निर्देशों पर की गई है। ट्रैप कार्यवाही 9 नवम्बर 2024 को की गई थी, जिसमें आरोपी को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।

क्या है मामला?
गुलाब सिंह अजनारे, जो ग्राम पंचायत बलवारी कला में सरपंच प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं, ने लोकायुक्त को शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा 10 लाख रुपये की राशि से सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा था। इस परियोजना के लिए ग्राम पंचायत के खाते में पहले 3 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गई थी। अब अंतिम किस्त की राशि का मूल्यांकन होना था, जिसके बाद उसे जारी किया जाना था।
आवेदक गुलाब सिंह अजनारे ने बताया कि इसके लिए जनपद पंचायत कार्यालय में उनके द्वारा तैयार किया गया मांग पत्र जिला पंचायत कार्यालय भेजा जाना था। लेकिन इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लेखापाल मनोज कुमार बैरागी ने उनसे ₹50,000 की रिश्वत की मांग की थी।
गुलाब सिंह अजनारे ने इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सहाय के समक्ष शिकायत की, जिसके बाद शिकायत का सत्यापन कराया गया और रिश्वत की मांग को लेकर बातचीत के दौरान ₹50,000 की रिश्वत पर समझौता हुआ।
लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई
9 नवम्बर 2024 को लोकायुक्त ने इस मामले की जांच पूरी करते हुए ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। लोकायुक्त की टीम ने मनोज कुमार बैरागी को उनके कार्यालय में ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। हालांकि, रिश्वत की पूरी मांग ₹50,000 थी, लेकिन ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी को ₹40,000 की राशि लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए की गई है। इस घूसखोरी के मामले में जनपद पंचायत कार्यालय गंधवानी में कार्रवाई जारी है, और आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कानूनी कार्रवाई
मनोज कुमार बैरागी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। लोकायुक्त ने इस ट्रैप कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण कदम माना है, जो सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार को लेकर सख्त संदेश भेजता है।
यह कार्रवाई लोकायुक्त द्वारा सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ चल रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का हिस्सा है, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी डर के रिश्वत लेने से बचेंगे और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
लोकायुक्त की लगातार कार्रवाई
इस प्रकार की कार्रवाईयों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि लोकायुक्त और पुलिस प्रशासन भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर रहे हैं। यह भी दर्शाता है कि प्रशासन अब छोटे-मोटे रिश्वतखोरों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है। लोकायुक्त का यह कदम प्रदेश के नागरिकों में सरकारी कामकाज के प्रति विश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
लोकायुक्त और पुलिस प्रशासन ने इस मामले को लेकर अब तक महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की है और आगे भी कार्रवाई जारी रखने का आश्वासन दिया है।












Click it and Unblock the Notifications