MP : इंसानों के बाद अब पशुओं पर आई आफत, लंपी वायरस को रोकने के लिए लगा लॉकडाउन
खरगोन, 15 सितंबर : मध्य प्रदेश में इन दिनों लंपी वायरस का कहर लगातार बढ़ता चला जा रहा है, जहां इस वायरस के चलते अब पशुपालक परेशान नजर आ रहे हैं। प्रदेश के खरगोन जिले में भी लंपी वायरस लगातार बढ़ते चला जा रहा है, जिसके चलते क्षेत्र के कई गांव में पशु इस वायरस से त्रस्त नजर आ रहे हैं। पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। वहीं अब लगातार बढ़ रहे लंपी वायरस को रोकने के लिए पशुपालक अपने-अपने तरीकों से सुरक्षा के इंतजाम कर रहे हैं। इसी के चलते खरगोन जिले में स्थित सलीमपूरा गांव को 24 घंटे तक बंद कर दिया गया है, जहां 24 घंटे के लिए लगे लॉकडाउन के तहत गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

24 घंटे तक बंद रहेगा गांव
जानकारी के मुताबिक अब पशुओं में लगातार बढ़ रही बीमारी को देखते हुए ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया है, जहां सलीमपुरा गांव को बुधवार की सुबह 7 बजे से लेकर गुरुवार की सुबह 7 बजे तक पूरे 24 घंटे तक बंद रखा। इस अवधि के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में प्रवेश नहीं दिया। ग्रामीणों की मानें तो यदि 24 घंटे तक गांव की सीमाओं को बंद रखा जाता है, तो इससे संक्रमण में कमी आएगी। साथ ही ग्रामीण अपने-अपने तरीकों से लंपी वायरस से पशुओं को दूर करने के प्रयास में जुटे हुए नजर आ रहे हैं।

जानिए क्या है लंपी वायरस?
राजस्थान और अब मध्यप्रदेश में दहशत फैलाने वाला लंपी वायरस मुख्य रूप से पशुओं में होने वाली एक बीमारी है, जिसमें पशुओं को बुखार आना, लार निकलना, शरीर में गठान, घाव और आंख-नाक से खून निकलना जैसे लक्षण शामिल है। यह बीमारी मुख्य रूप से पशुओं में फैलती है। यही कारण है कि, इस बीमारी ने अब पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। उधर, इस बीमारी के फैलने का मुख्य कारण मच्छर और मक्खियों को बताया जा रहा है, जहां मच्छर और मक्खी एक पशु से दूसरे पशु पर जा कर बैठते हैं, और इससे यह संक्रमण फैलता है।

इसलिए खतरनाक है लंपी वायरस
लंपी वायरस मुख्य रूप से पशुओं में होने वाली एक बीमारी है। इन दिनों भारत देश में भी यह वायरस तेजी से अपने पैर पसार रहा है, जहां राजस्थान राज्य में मचे हड़कंप के बाद अब इस वायरस ने मध्यप्रदेश में टेंशन बढ़ा दी है। यह वायरस इसलिए भी बेहद खतरनाक है क्योंकि पशुओं के संक्रमित होने के लगभग 6 से 7 दिन बाद इस वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं, और तब तक संक्रमित पशु के संपर्क में आने से अन्य पशु भी संक्रमित हो जाते हैं। यही कारण है कि, लंपी वायरस को लेकर अब सतर्क रहने की आवश्यकता है।

इन उपायों से हो सकता है बचाव
लंपी वायरस से यदि बचाव की बात करें तो इसमें मुख्य रूप से पशुओं को बीमार पशुओं के संपर्क में आने से रोकना होगा। इसी के साथ सार्वजनिक जगहों पर पशुओं को चढ़ाने या नहलाने से इस बीमारी के बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही लक्षणों का पता चलने पर तुरंत चिकित्सकों से पशुओं का इलाज कराया जाए, जिससे इस बीमारी से बचा जा सकता है।












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