ladli behna yojna की Success story, कोई छोटी बहन को पढ़ा रही तो किसी ने खरीदी सिलाई मशीन
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मील का पत्थर भी साबित हो रही है। यह कहना है इंदौर जिले की अनेक लाड़ली बहनों का।
लाडली बहनों के लिए 10 जून का दिन ऐतिहासिक रहा। लाडली बहना योजना महिलाओँ के लिए बहुत ही बड़ा स्रोत बनती जा रही है। योजना आशाओं को पूरा करने का माध्यम बन रही है।

कुछ तरह पूरी हुई जरूरतें
इसी का एक बहुत अच्छा उदाहरण है इंदौर शहर के मालवीय नगर में रहने वाली नमिता सरकार का। नमिता सरकार की उम्र 30 वर्ष है। वह कहती है कि हम महिलाएं हमेशा अपने परिवार के लिए जीती हैं और हमेशा उनका ख्याल रखती हैं। इन सब के बीच हम हमारे बारे में सोचना भूल जाती हैं। जब पैसों की बात आती है तो हम सबसे पहले अपने परिवार को रखते हैं। लेकिन हमारे भाई मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जो हमें यह पैसे दिए हैं इन पैसों का खर्चा हम खुद पर करेंगे। हम अपनी जरूरतें पूरी करेंगे। अब कोई हमारी आशाएं जो दबी हुई है आर्थिक सपोर्ट के कारण अब हम उन्हें पूरा कर सकते हैं। मैं हमारे भाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस योजना के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।
किसी ने खरीदी सिलाई मशीन
इंदौर के पांडे जी का बगीचा निवासी दीपिका का कहना है कि इस योजना से मिली राशि को वह अपनी छोटी बहनों की शिक्षा में लगा रही है। दीपिका ने अपनी बहनों की पढ़ाई के लिए जो जो सामान आवश्यक है वह खरीदा है। साथ ही कहा कि भविष्य में मिलने वाली राशि से वह अपनी बहनों की ट्यूशन फीस देंगी। आरती चौहान लाल बाग पैलेस के पास, इंदौर निवासी हैं। उन्होंने बताया कि "मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना " से मिली राशि को उन्होंने अपनी नई सिलाई मशीन खरीदने में इस्तेमाल किए। अपने सिलाई कार्य से दीपिका को अच्छा रोजगार प्राप्त हो रहा है।
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