MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में पड़ोसी मुस्लिम से परेशान हिंदू परिवार क्यों बेच रहा है मकान, जानिए पूरा सच!
इंदौर के प्रकाश के बगीचे कॉलोनी में एक युवक ने अपने घर के दरवाजे पर यह लिखकर एक गंभीर मामला उठाया कि "यह मकान बिकाऊ है, मुस्लिम प्रताड़ना से परेशान हूं।" युवक का कहना है कि वह पुराने केस के कारण दबाव में है और आरोपी उसे राजीनामा करने के लिए धमका रहे हैं। आरोपियों ने उसके घर पर सुतली बम और कीलें भी फेंकी हैं।
यह घटना शनिवार रात की है, लेकिन रविवार को जब इस मामले का खुलासा हुआ, तो बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

क्या था पूरा मामला?
राजेश कलमोइया नामक युवक का कहना है कि वह अपने घर के पास अंडे का ठेला लगाता है। करीब एक महीने पहले मोहल्ले में पाइप लाइन का काम हो रहा था, और इसी दौरान एक आरोपी शादाब शानू ने उसे घूरकर देखा। यह बात राजेश को असहज कर दी और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद शादाब ने राजेश को धमकाया और गालियां दीं, जिसके कारण राजेश ने शादाब के खिलाफ SC/ST एक्ट और अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज कराई।

राजेश के परिवार का कहना है कि इस केस के बाद शादाब और उसके साथी उसे राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहे थे। जब राजेश ने यह दबाव नहीं माना, तो आरोपियों ने उसके घर पर धमकी देते हुए सुतली बम और कीलें फेंकी, जिससे वह और उसका परिवार डर में था।

पुलिस कार्रवाई और बजरंग दल का हंगामा
घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की और मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और सात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजीनामे का दबाव और साम्प्रदायिक रंग
यह घटना साम्प्रदायिक रंग से भी जुड़ी हुई प्रतीत होती है, क्योंकि राजेश का आरोप है कि शादाब और उसके साथी उसे मुस्लिम प्रताड़ना का शिकार बना रहे हैं। हालांकि, पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पत्नी ने अंदर खींच लिया, वरना झुलस जाता
शनिवार रात एक सनसनीखेज घटना ने एक परिवार को जान से मारने की धमकी और बम धमाके के खतरे में डाल दिया। घटना के अनुसार, राजेश कलमोइया नामक व्यक्ति और उनकी पत्नी सो रहे थे, जब करीब पौने तीन बजे एक जोरदार धमाके की आवाज आई। इस धमाके के बाद राजेश और उनकी पत्नी ने तुरंत बाहर आकर स्थिति का जायजा लिया।
राजेश ने बताया कि वह और उनकी पत्नी जैसे ही बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि उनके पास ही के पड़ोसी रईस खड़े थे। जब राजेश ने रईस से पूछा कि धमाका किसका था, तो रईस ने कोई जवाब नहीं दिया। तभी राजेश ने देखा कि पास ही एक बम पड़ा हुआ था। उनकी पत्नी ने तुरंत उन्हें खींचकर अंदर ले लिया, जिससे वह बम से झुलसने से बच गए।
राजेश ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। उनकी पत्नी के तत्परता से अंदर खींचने के कारण उनकी जान बच पाई, अन्यथा वह बम के धमाके से गंभीर रूप से घायल हो सकते थे।
पुलिस ने शुरू की जांच, छर्रे और कील भेजे गए लैब
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह घटना पीड़ित को डराने-धमकाने के उद्देश्य से की गई थी। उनका कहना था कि आरोपियों ने छर्रे और कील के साथ सुतली बम फेंका था, ताकि डर का माहौल बने और पीड़ित परिवार को नुकसान पहुंचे।
एडिशनल डीसीपी आनंद यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। इसके अलावा, डॉग स्क्वायड को भी बुलवाया गया। जांच में कुछ छर्रे और कील मिले, जिन्हें आगे की जांच के लिए लैब भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि बम के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और जांच की प्रक्रिया जारी है।
विवाद का कारण क्या है?
एडिशनल डीसीपी आनंद यादव के अनुसार, दोनों परिवार पिछले 40 सालों से एक-दूसरे के पास रहते हैं। हालांकि, पिछले एक महीने में दोनों के बीच मामूली कहासुनी हुई थी, जो अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। यह विवाद खासकर पटाखे फोड़ने के मामले को लेकर बढ़ा है।
राजेश कलमोइया ने बताया कि आरोपियों ने पुराने विवाद को लेकर उन्हें समझौता करने के लिए धमकाया था। वहीं, दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि मकान खाली कराने की बात पूरी तरह से झूठी है और किसी प्रकार का बम फेंकने का उनका कोई इरादा नहीं था।
पुलिस ने दोनों पक्षों से समझाइश की और उन्हें वापस भेज दिया। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू पर ध्यान दे रही है।












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