'मैं चुनाव लड़ने से डरता नहीं हूं...', आखिर क्यों कैलाश विजयवर्गीय ने कही ये बात, जानिए?
MP Assembly Election 2023 की हलचल के बीच अब सियासत के गढ़ इंदौर की विधानसभा एक से बीजेपी के प्रत्याशी बनाए गए राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मैदान संभाल लिया है, जहां विजयवर्गीय विधानसभा के अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर बैठक ले रहे हैं।
जनता के बीच पहुंच रहे कैलाश विजयवर्गीय अलग-अलग तरह के बयान भी देते नजर आ रहे हैं, जहां उन्होंने एक जनसभा के दौरान कहा की, मैं डरता नहीं हूं की चुनाव लडूंगा तो हार जाऊंगा, पार्टी ने कमल का फूल हाथ में दे दिया है, मैं क्षेत्र में जाऊं या नहीं जाऊं कम से कम 50 हजार वोट से जीतूंगा।

विजयवर्गीय ने कही ये बात
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि, मैं चुनाव नहीं लड़ता, कार्यकर्ता लड़ते हैं। कार्यकर्ता जीतेंगे, कैलाश विजयवर्गीय क्या है, आप में और कैलाश विजयवर्गीय में कोई अंतर नहीं है। विजयवर्गीय ने कहा कि, मैं डरता नहीं हूं की चुनाव लडूंगा तो हार जाऊंगा, पार्टी ने कमल का फूल हाथ में दे दिया है, मैं क्षेत्र में जाऊं या नहीं जाऊं कम से कम 50 हजार वोट से जीतूंगा उससे ज्यादा से भी जीत सकता हूं। मैं पूरे प्रदेश में घूमूंगा, क्षेत्र में जाऊं या नहीं जाऊं 50 हजार वोट से जीतूंगा।
चुनाव मैदान में विजयवर्गीय
बीजेपी की दूसरी सूची में कद्दावर नेताओं के नाम नजर आ रहे हैं, जहां सियासत के गढ़ कहे जाने वाले शहर इंदौर की विधानसभा 1 से बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को प्रत्याशी बनाया गया है। विजयवर्गीय अंचल के कद्दावर नेताओं में से एक माने जाते हैं, जहां विजयवर्गीय का प्रभाव मालवा-निमाड़ अंचल में देखा जाता है। इतना ही नहीं कैलाश विजयवर्गीय को मैनेजमेंट का मास्टर भी माना जाता है। यही कारण है कि, कैलाश विजयवर्गीय को अबकी बार संगठन ने विधानसभा 1 से प्रत्याशी बनाते हुए पूरे मालवा-निमाड़ अंचल को अलग संदेश देने की कोशिश की है।
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