Indore News Metro: मेट्रो की नई समय-सारणी घोषित, सप्ताहांत में हर 30 मिनट पर ट्रेन, यात्रियों को बड़ी राहत
MP News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो रेल सेवा को और अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने इंदौर मेट्रो की नई समय-सारणी घोषित कर दी है, जो आगामी सोमवार, 23 जून 2025 से लागू होगी।
यह नया शेड्यूल सप्ताह के कार्यदिवसों (सोमवार से शुक्रवार) और सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) के लिए अलग-अलग तय किया गया है, जिससे यात्रियों की दिनचर्या और भी अधिक व्यवस्थित हो सके। यह बदलाव उन लाखों यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है जो मेट्रो सेवा को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना चुके हैं।

नई समय-सारणी: कार्यदिवस और सप्ताहांत
- MPMRCL ने यात्रियों की सुविधा और मेट्रो के उपयोग में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए समय-सारणी में बदलाव किया है। संशोधित समय-सारणी इस प्रकार है:
- सप्ताह के कार्यदिवस (सोमवार से शुक्रवार)
- संचालन समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक
- सेवा अंतराल: प्रत्येक 1 घंटे में एक ट्रेन
- सप्ताहांत (शनिवार और रविवार)
- संचालन समय: प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक
- सेवा अंतराल: प्रत्येक 30 मिनट में एक ट्रेन
नई समय-सारणी का उद्देश्य
MPMRCL के प्रबंध निदेशक एस. कृष्ण चैतन्य ने बताया, "यह संशोधन यात्रियों की मांग और उनके रुझान को ध्यान में रखकर किया गया है। सप्ताहांत में बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाई गई है, ताकि यात्रियों को कम प्रतीक्षा करनी पड़े। हमारा लक्ष्य इंदौरवासियों को एक सतत, सुविधाजनक, और विश्वसनीय मेट्रो अनुभव प्रदान करना है।"
इंदौर मेट्रो, जो प्रथम चरण में सुपर कॉरिडोर से गांधी नगर तक संचालित हो रही है, ने शहर में सार्वजनिक परिवहन को एक नया आयाम दिया है। नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो के शुरू होने के बाद से प्रति दिन औसतन 15,000 यात्री इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं। सप्ताहांत में यह संख्या 20,000 तक पहुंच जाती है, जिसके चलते 30 मिनट के अंतराल की व्यवस्था की गई है।

इंदौर मेट्रो: एक नजर
- प्रथम चरण: सुपर कॉरिडोर से गांधी नगर तक (लगभग 5.9 किमी, 6 स्टेशन)
- संचालन शुरू: सितंबर 2024
- कुल लागत: 7500 करोड़ रुपये (प्रथम चरण)
- यात्री संख्या: औसतन 15,000 प्रतिदिन (सप्ताहांत में 20,000)
- टिकट मूल्य: 20 रुपये (न्यूनतम) से 50 रुपये (अधिकतम)
यात्रियों की प्रतिक्रिया
नई समय-सारणी की घोषणा का शहरवासियों ने स्वागत किया है। सप्ताहांत में 12 घंटे (8:00 AM से 8:00 PM) की सेवा और 30 मिनट का अंतराल यात्रियों के लिए विशेष रूप से सुविधाजनक है। रमेश जैन, एक नियमित यात्री, ने कहा, "सप्ताहांत में मेट्रो की भीड़ बढ़ जाती है। हर 30 मिनट में ट्रेन मिलने से समय की बचत होगी।"
हालांकि, कुछ यात्रियों ने कार्यदिवसों के लिए संचालन समय को और बढ़ाने की मांग की। प्रिया शर्मा, एक कॉलेज छात्रा, ने कहा, "10 बजे से 6 बजे तक का समय ऑफिस और कॉलेज जाने वालों के लिए पर्याप्त नहीं है। इसे सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक करना चाहिए।"
चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं
- इंदौर मेट्रो के प्रथम चरण ने शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन कुछ चुनौतियां बाकी हैं:
- संचालन समय: कार्यदिवसों में 8 घंटे की सेवा को लेकर कुछ यात्री असंतुष्ट हैं, क्योंकि यह पीक आवर्स (सुबह 8-10 और शाम 6-8) को पूरी तरह कवर नहीं करता।
- कनेक्टिविटी: प्रथम चरण में केवल 6 स्टेशन हैं, जिसके कारण शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सीमित है।
- जागरूकता: कई लोग अभी भी मेट्रो के टिकट सिस्टम और समय-सारणी से अनजान हैं।
MPMRCL ने भविष्य में मेट्रो नेटवर्क को 31.5 किमी तक विस्तार करने की योजना बनाई है, जिसमें खजराना, विजय नगर, और पलासिया जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे। 2026 तक मेट्रो के दूसरे चरण के पूरा होने की उम्मीद है, जिससे यात्री संख्या में और वृद्धि होगी।
सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव
इंदौर मेट्रो न केवल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है। ETV भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में 15% की कमी आई है, क्योंकि लोग निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का उपयोग कर रहे हैं। X पर @CleanIndore ने लिखा, "इंदौर मेट्रो स्वच्छ भारत और ग्रीन सिटी की दिशा में एक कदम। नई समय-सारणी से और लोग इसका उपयोग करेंगे। #IndoreMetro"।












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