Indore News: सिंहस्थ से पहले IDA देगा सौगात, इंदौर से उज्जैन तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
इंदौर विकास प्राधिकरण संचालक मण्डल की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में इंदौर शहर के विकास से जुड़े अहम फैसले लिए गए. वहीं अब इन फैसलों के दम पर इंदौर विकास की नई उड़ान भरने के लिए तैयार नजर आ रहा है.
इन्दौर विकास प्राधिकरण संचालक मण्डल की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में दीपक सिंह, संभागायुक्त सह अध्यक्ष, आशीष सिंह, कलेक्टर, इन्दौर, अजय श्रीवास्वत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, इन्दौर एवं आर.पी. अहिरवार, मुख्य कार्यपालिक अधिकारी, इ.वि.प्रा. (सदस्य सचिव) उपस्थित थे।

बैठक में म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) अधिनियम 2019 के परिप्रेक्ष्य में प्राधिकारी की नवीन नगर विकास योजना अहिल्यापथ A.P.-1 से A.P.-5 तक प्रस्तावित आवासीय, औद्योगिक एवं मार्ग के संबंध में विचार किया गया।
उल्लेखनीय है कि, इन्दौर विकास प्राधिकरण द्वारा बोर्ड बैठक दिनांक 09.07.2024 के संकल्प क्रमांक 106 अनुसार इन्दौर विकास योजना में प्रस्तावित 75 मीटर चौडा मार्ग एवं 5 नगर विकास योजना A.P.-1 से A.P.-5 तक अहिल्या पथ बनाया जाना है, जिससे बहुउद्देशीय सुविधा शहर को प्राप्त होगी। जैसे- 1. पीथमपुर, धार से उज्जैन को सीधी कनेक्टिविटी मिलना। इंदौर शहर के मध्य क्षेत्र से यातायात का दबाव कम करना। भविष्य की दृष्टि से वर्ष 2028 में आने वाले सिंहस्थ में बाहर से आने वाले यात्रियों को उज्जैन तक सीधी मार्ग सुविधा उपलब्ध कराना।
इन्दौर के पश्चिमी क्षेत्र का बहुआयामी विकास। फिनटेक सिटी पश्चिमी क्षेत्र के विकास को गति प्रदान करेगी, साथ ही उक्त सिटी प्रदेश की पहली सिटी होगी, जहाँ वित्तीय एवं साफ्टवेयर संस्थाएं कार्य करेगी। उक्त समस्त 5 योजनाएँ सुपर कॉरिडोर, देपालपुर रोड़ को सीधी जोडेगी। 75 मीटर चौडे मार्ग पर इन 5 योजनाओं का विकास उक्त मार्ग के साथ-साथ किये जाने से इस क्षेत्र का भी विकास होगा। प्राधिकारी बोर्ड द्वारा इन्दौर विकास प्राधिकरण अहिल्यापथ A.P.-1 से A.P.-5 तक के प्रस्ताव को धारा 50 (1) में संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, भोपाल एवं राज्य शासन को प्रेषित करने की अनुमति इस शर्त के साथ प्रदान की गई है कि उक्त समस्त योजनाओं में दिनांक 09.07.2024 से 6 माह में नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा जिन प्रकरणों में विकास अनुज्ञाएँ जारी की है एवं नगर निगम से विकास की अनुमति प्राप्त नही की है, में धारा (31) में संभाग आयुक्त, इन्दौर को उक्त अनुज्ञाऐं निरस्त करने हेतु अपील प्रस्तुत करें। साथ ही आयुक्त, नगर पालिक निगम को पत्र लिखकर उक्त योजना क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति जारी न की जावें।
ग्राम मोरोद तहसील एवं जिला इन्दौर में स्थित शासकीय भूमि के खसरा क्रमांक 372/1 क्षेत्रफल 125.221 हेक्टेयर भूमि पर मंडी एवं ट्रांसपोर्ट नगर हेतु प्रस्तावित भूमि में जो वन भूमि है को FCA (Forest Conversion Act) के अंतर्गत आवेदन एवं स्वीकृति प्राप्त करने हेतु कंसलटेंट की नियुक्ति किये जाने का संचालक मण्डल द्वारा निर्णय लिया गया।
ये भी पढ़े- Indore News: ट्रैफिक में नंबर-1 बनेगा इंदौर, मैकेनाइज्ड पार्किंग का होगा इस्तेमाल












Click it and Unblock the Notifications