अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर खुद को बताता था NASA का कर्मचारी
इंदौर: अमरीकी अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था यानी 'नासा' में चयन को लेकर एक फर्जी मामला सामने आया है। इंदौर के कमलापुर निवासी एक शख्स को पुलिस ने इस संदर्भ में अरेस्ट किया है।

बराक ओबामा के फर्जी हस्ताक्षर बनाए
उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखााधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसने इंटरनेट से अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के डिजिटल हस्ताक्षर भी बना रखे थे।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता लगा है कि वह पहले तो मशहूर होने के लिए यह काम करता था लेकिन बाद में उसने इसे फर्जीवाड़ा करने का जरिया बना लिया। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वह प्रभावशाली लोगों व अफसरों से मुलाकात करता था।
एसपी से मुलाकात पर खुली पोल
एक रोज जब उसकी मुलाकात एसपी शशिकांत शुक्ला से हुई तो उसने अपना नासा का फर्जी पहचान पत्र दिखाया। इसे देखकर एसपी का माथा ठनका और उन्हें उस शख्स पर संदेह हुआ। उन्होंने उसकी जांच कराई तो पूरा मामला खुला।
पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा
20 वर्षीय अंसार खान नामक इस शख्स को धोखाधड़ी करने के अपराध में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने पुलिस इंक्वॉयरी में बताया कि उसने सबको झूठ बता रखा था कि उसे नासा से सालाना 1करोड़ 85 लाख का पैकेज मिलता है। वह बीते लगभग एक महीने से देवास जिले में इस झूठ के साथ रह रहा था।
सम्मानित भी किया गया था
उसके इस दावे से प्रभावित होकर कमलापुर जिले के प्राइमरी स्कूल में उसे स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित भी किया गया था। उस मौके पर तमाम राजीतिक दिग्गज वहां मौजूद थे।
बेधड़क घुसता था सरकारी दफ्तरों में
अपने फर्जी नासा के पहचान पत्र के साथ अंसार खान बेधड़क सरकारी दफ्तरों में घुसता और सीनियर आधिकारियों से मुलाकात करता था। 20 सितम्बर 2016 को वह एसपी शुक्ला से मिला तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने अंसार की जांच के लिए बगाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी बीएस गोरे को जांच का जिम्मा सौंपा।
जांच में खुलासा हुआ कि अंसार खान केवल कक्षा 12 ही पास है। वह 12वीं की परीक्षा में दो बार बैठ चुका है। इसके बाद उसने इंदौर के आईकेडीसी कॉलेज में दाखिला लिया।












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