MP News: इस शहर में मछली पकड़ने पर बैन, कारण जान सभी चौंके
कलेक्टर आशीष सिंह ने इंदौर जिले में 16 जून 2024 से 15 अगस्त 2024 तक की अवधि को बन्द ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया है। इस अवधि में छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी या नाले से नहीं हैं और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा के अन्तर्गत नहीं लिया गया हैं, उनको छोड़कर समस्त नदियों व जलाशयों में मत्स्याखेट पूर्णताः प्रतिबंधित रहेगा।
बन्द ऋतु की अवधि में अवैधानिक मत्स्याखेट/परिवहन/क्रय-विक्रय आदि कार्य करते पाये जाने पर नदीय मत्स्योद्योग नियम 1972 की धारा 3(2) के प्रावधान एवं मध्यप्रदेश मत्स्य क्षेत्र (संशोधन) अधिनियम 1981 की धारा (5) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इसके तहत उल्लंघनकर्ता को एक वर्ष का कारावास अथवा 5 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है। यह वैधानिक व्यवस्था मछली का प्रजनन काल होने से वंशवृद्धि को दृष्टिगत रखकर मत्स्य संरक्षण हेतु उक्त काल को बन्द ऋतुकाल घोषित किया गया है।
संबंधित व्यक्तियों से कहा गया हैं, कि इस अवधि में किसी प्रकार का मत्स्याखेट/परिवहन/क्रय/विक्रय आदि कार्य ना तो स्वयं करें और ना ही इन कार्यों में सहयोग दें। अन्यथा उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध उक्त नियम के तहत कार्यवाही की जायेगी।
मछुआरों को दिया एक दिवसीय प्रशिक्षण
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह की अध्यक्षता में 11 जून को कृषि उपज मण्डी खरगोन के सभाकक्ष में स्व सहायता समूहों से जुड़े मछुआरों को मछली पालन के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मछुआरों को यह प्रशिक्षण एनआरएलएम एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा दिया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान समस्त महिला स्व सहायता समूह की दीदीयों को मछली पालन के लिए समस्त जानकारी उपलब्ध कराई गई। इस दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम पंचायत सचिवों को संबंधित अमृत सरोवर तालाबों में मछली पालन के लिए पट्टे वितरण करने के लिए निर्देशित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बीएम-एनआरएलएम के धर्मेन्द्र दुबे ने किया एवं आभार सावन पाटीदार ने माना।
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