गलती हमारी है, तो सुधार हम ही करेंगे....फिल्मों के कंटेंट को लेकर एक्टर सुनील शेट्टी ने कही बड़ी बात
इंदौर, 27 सितंबर : मिनी मुंबई कहे जाने वाले शहर इंदौर में इन दिनों बॉलीवुड कलाकारों के आने का सिलसिला जारी है। इस बीच फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी, एड की शूटिंग के लिए इंदौर आए। इस दौरान सुनील शेट्टी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की, शायद पहली बार किसी ऐड शूट के लिए यहां आया हूं, क्योंकि फिल्मों के लिए तो लोग आते रहते हैं, एमपी तो बहुत पापुलर है, इंदौर भी बहुत पॉपुलर है। एक मशरूम बेस्ड प्रोटीन प्रोडक्ट के लिए हम आए हुए हैं। एक वेजिटेरियन प्वाइंट ऑफ व्यू से भी यदि हम मशरूम को देखेंगे तो एक बहुत ही बढ़िया प्रोडक्ट के लिए यहां पर आया हूं।

एड शूट के लिए इंदौर आए हैं शेट्टी
इसी के साथ फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी ने कहा कि, काफी टैलेंट यहां से सिलेक्ट हुआ है। मेरे साथ ऐड में जो यंग लड़का और बाकी टैलेंट है असिस्टेंट है, या कैमरा के लिए असिस्टेंट हो या बाकी टेक्निकल लोग भी यहां से ही सिलेक्ट किए हुए हैं। यहां आकर मुझे खुशी मिलती है, क्योंकि एक ही दिन में हमने यहां अच्छी खासी ऐड की शूटिंग कर ली है। अभिनेता सुनील शेट्टी ने कहा कि, हमारे पार्टनर और प्रोडक्ट के बिग बॉस ने डिसाइड किया की, शूट, इंदौर में ही होना चाहिए, क्योंकि इंदौर के लोगों को मौका मिलेगा, तो फायदा होगा, क्योंकि यही का यह प्रोडक्ट है।

फिल्म कंटेंट को लेकर कही बड़ी बात
फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी ने कहा कि, अभी हमें तो पता ही नहीं कि बॉयकॉट कौन कर रहा है, क्योंकि जो भी हैशटैग बॉलीवुड डाल रहा है, उसके जब हम टि्वटर अकाउंट में जाते हैं, तो उसका अकाउंट है ही नहीं, वह किसी भलते ही नाम से है, तो जिसका नाम ही नहीं है, हम क्या कहें। यदि बिजनेस के पॉइंट ऑफ व्यू से बात करें तो मैं खुद कहूंगा कि, कहीं ना कहीं हम चुक गए हैं। कहीं ना कहीं हमारा कंटेंट सही नहीं है। आज यदि कंटेंट अच्छा है, तो ब्रह्मास्त्र भी चल रही है, और यदि कंटेंट अच्छा है, तो बाकी फिल्में भी चलने लग गई है, सुधरना हमें है, इंप्रूव करना हमें है, राइट काइंड ऑफ कंटेंट डालना हमें है, हमें फैमिली ऑडियंस को अंदर लाना जरूरी है, हमें एंटरटेनिंग फिल्म्स करना जरूरी है, गलती हमारी है, तो सुधार भी हम ही करेंगे।

बैलेंस लाना बहुत जरूरी है - सुनील शेट्टी
फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी ने कहा कि, कहीं प्राइस फैक्टर गलत है, नेशनल फिल्म डे पर देखा गया कि, जब 75 रुपए में टिकट रखे गए तो 65 लाख टिकट बिके, तो ऑडियंस तो है ना, तो हम क्या कर रहे, टफ टाइम में ज्यादा पैसे ले रहे हैं उनसे, तो कहीं ना कहीं सभी को मिलकर प्रोडक्शन, एक्टर्स और डिस्ट्रीब्यूटर सभी को मिलकर यह डिसाइड करना होगा कि, यदि हमें ऑडियंस चाहिए तो यह बैलेंस लाना बहुत जरूरी है। कहीं हम हमारे बिजनेस में गलत जा चुके हैं।












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