MP के किसानों का नवाचार, स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट की खेती से बनेंगे मालामाल
झिरन्या विकासखंड के दूरस्थ वनवासी क्षेत्रों में किसानों को प्रेरित प्रोत्साहित कर कहीं स्ट्रॉबेरी, तो कहीं ड्रैगन फ्रूट, अमरुद, संतरे की खेती तो कहीं अंतरवर्तीय खेती सिखाई एवं करवाई जा रही है।

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किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम आत्मा अंतर्गत जिले के गरीब आदिवासी किसानों की आय बढ़ाकर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं। झिरन्या विकासखंड के दूरस्थ वनवासी क्षेत्रों में किसानों को प्रेरित प्रोत्साहित कर कहीं स्ट्रॉबेरी, तो कहीं ड्रैगन फ्रूट, अमरुद, संतरे की खेती तो कहीं अंतरवर्तीय खेती सिखाई एवं करवाई जा रही है। कृषि उपसंचालक झिरन्या विकासखंड का भ्रमण के दौरान ग्राम मुरम्या एवं आंवल्यामाल में आत्मा योजना के नवाचार घटक अंतर्गत किसानों द्वारा रोपित अमरूद एवं ड्रैगन फ्रूट के अंतरवर्तीय फलोद्यान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों से चर्चा भी की।

कुछ इस तरह होगा फायदा
इसके साथ ही फसल उत्पादन को बढ़ाने के लिए उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया गया। वहीं चर्चा के दौरान उन्नत किसान नहादी काशीराम ने बताया कि, उन्होंने सवा एकड़ खेत में पिंक थाई किस्म का अमरूद लगाया है जो अब डेढ़ वर्ष की फसल हो चुकी है। किसान ने बताया कि इस सीजन में अब तक 80 क्विंटल अमरूद व्यापारियों द्वारा खेत से ही 20 प्रति किलो के भाव में खरीदी की गई है। इस प्रकार सवा एकड़ में अब तक 1 लाख 50 हजार रूपये से अधिक की फसल ली जा चुकी है। वहीं किसान ने करीब 20-25 हजार की फसल और निकलने का अनुमान लगाया है।

प्राकृतिक कृषि कार्य माला भी सिखाई
इसके साथ ही उपस्थित अन्य किसानों को भी फार्म फील्ड स्कूल योजना अंतर्गत चना फसल की प्राकृतिक कृषि कार्य माला भी सिखाई गई। कार्यक्रम के दौरान आसपास के किसानों सहित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बसंत मांडरे, बीटीएम अनिल नामदेव, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी डॉ. संतोष पाटीदार, सहायक तकनीकी प्रबंधक राजेश रांडवा सहित अन्य मौजूद रहे। कुलमिलाकर, देखा जाए तो किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम आत्मा अंतर्गत जिले के गरीब आदिवासी किसानों की आय बढ़ाकर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

फल, फूल और सब्जियों की खेती
मध्यप्रदेश में इन दिनों कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयास किए जा रहे हैं, जहां अब युवा भी कृषि के काम से जुड़ने लगे हैं। वहीं मध्यप्रदेश में अब अलग-अलग किस्म के फल, फूल और सब्जियों की खेती की जाने लगी है। इसी का कारण है कि, मध्य प्रदेश के किसान भी अब समृद्धि की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश के मालवा निमाड़ हिस्से में अक्सर अलग-अलग किस्मों के फल और फूल देखने मिलते हैं।
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