MP: संकट की घड़ी में किसानों को मिला सरकार का सहारा, इस तरह किसान दें नुकसान की सूचना
ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की फसलें तबाह कर दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना दी जाना अनिवार्य है जिससे खेत का सर्वे कार्य समय सीमा में किया जा सके.

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मध्यप्रदेश में मौसम परिवर्तन के चलते हुए ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की फसलें तबाह कर दी है। यही कारण है कि, मध्य प्रदेश के किसानों के चेहरे पर अब चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रहे हैं, लेकिन किसानों की संकट की घड़ी में प्रदेश की शिवराज सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल प्रभाव से नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं सरकार के जनप्रतिनिधि और तमाम अधिकारी किसानों के साथ इस संकट की घड़ी में खड़े नजर आ रहे हैं, जहां लगातार जनप्रतिनिधि और अधिकारी किसानों के खेत का निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं।
अतिवृष्टि से फसल नुकसान की तुरंत सूचना दें किसान
रबी 2022-23 में जिले मन्दसौर में कृषकों द्वारा विभिन्न फसलें अपने खेत में लगाई गई है। साथ ही कृषकों द्वारा अधिसूचित फसलों का फसल बीमा भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत कराया गया है। जिले में वर्तमान में लगातार वर्षा से कुछ खेतों में अतिवर्षा से जलभराव व ओलावृष्टि से फसल नुकसान की सूचना मिल रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत 72 घंटे के भीतर नुसान की सूचना दी जाना अनिवार्य है जिससे अतिवृष्टि के प्रकरणों में कृषकों के खेत का सर्वे कार्य समय सीमा में किया जा सके। कृषक एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के टोल फ्री नं. 1800 233 7115 पर फसल नुकसान की सूचना दे सकता है, या क्रॉप इंश्योरेंस (Crop Insurance) नामक एप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर एप पर Continue Without Login अंतर्गत Crop Loss में जाकर मोबाईल नं. की जानकारी एवं ओ.टी.पी. वेरीफिकेशन उपरांत सीजन, वर्ष, योजना, राज्य, जिला, तहसील, रिवेन्यू सर्किल, पटवारी हल्का, ग्राम, फसल, सर्वे नं. की जानकारी के साथ एप पर सबमिट कर सकते है।
जनप्रतिनिधियों ने संभाला मैदान
ओलावृष्टि और बारिश के चलते किसानों की फसलें तबाह हुई हैं, जिसके चलते अब शिवराज सरकार के मंत्री किसानों के साथ संकट की घड़ी में खड़े नजर आ रहे हैं। मंदसौर जिले में मंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री हरदीप सिंह डंग ने किसानों के खेतों में पहुंचकर किसानों के नुकसान का आकलन करते हुए उचित मदद का आश्वासन दिया है। इस दौरान दोनों ही मंत्रियों के साथ अधिकारियों की टीम भी नजर आ रही थी। वहीं अब जल्द ही किसानों को हुए नुकसान का सर्वे कर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
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