Indore: खजराना फ्लाईओवर के निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, वृक्षों का होगा व्यवस्थित ट्रांसप्लांट
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर खजराना फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जारी है. विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा द्वारा खजराना फ्लाईओवर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया गया।

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा द्वारा खजराना फ्लाईओवर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उनके साथ नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, प्राधिकरण के मुख्य कार्य अधिकारी आरपी अहिरवार, नगर निगम के एमआईसी सदस्य राजेश उदावत,भूतपूर्व सभापति अजय सिंह नरूका एवं पुष्पेंद्र पाटीदार पार्षद एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। आईडीए अध्यक्ष जयपाल चावड़ा ने निर्माण हेतु खोदे गए पहले पियर की फाउंडेशन का निरीक्षण किया, यद्यपि फ्लाईओवर के निर्माण के पूर्व नगर निगम द्वारा पानी एवं सीवर लाइनों को शिफ्ट किया जाना है, परंतु जो हिस्सा उपलब्ध हो रहा है, वहां पर पीयर खोदने का कार्य शुरू कर दिया गया है। लाइन शिफ्टिंग के बाद ही अन्य कार्य किये जा सकेंगे।
कई आवश्यक निर्देश दिए हैं
खजराना फ्लाईओवर की लागत लगभग 52 करोड़ होगी, जिसके अंतर्गत 3-3 लेन के दो हिस्से बनाए जाएंगे। इस प्रकार से 6 लेन का यह ब्रिज होगा, इसकी लंबाई लगभग 600 मीटर होगी, लाइन शिफ्टिंग हेतु ट्रांसप्लांट किए गए वृक्षों के संबंध में निर्देश देते हुए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने इसमें और अधिक दक्षता के कार्य करने के निर्देश दिए एवं ठेकेदार को लापरवाही पूर्ण शिफ्टिंग करने के फल स्वरुप उनका भुगतान न किए जाने के भी निर्देश दिए। आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा के साथ निरिक्षण के दौरान तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी गण नजर आ रहे थे।
पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने के निर्देश
आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने बताया कि, पर्यावरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसकी पूर्ण रक्षा किया जाना हमारा परम कर्तव्य है। ट्रांसप्लांट किए जाने वाले वृक्षों मे से 10-10 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किए जाने के निर्देश दिए, उल्लेखनीय है कि खजराना फ्लावर हेतु कुल 1315 लगभग वृक्षों को स्थानांतरित किए जाना प्रस्तावित है।आपने निर्माण स्थल में आ रहे एक मंदिर को भी सुरक्षित करते हुए संरक्षित करने का निर्णय लेते हुए उक्त मंदिर के जीर्णोद्धार करने के भी निर्देश दिए, उल्लेखनीय है कि, ग्रीन बेल्ट में स्थापित मंदिर काफी पुराना है एवं बड़ी संख्या में लोगों की श्रद्धा धर्म स्थल के साथ जुड़ी हुई है।
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