एमपी हाईकोर्ट ने दिया आदेश- कंप्यूटर बाबा को तुरंत रिहा किया जाय, 11 दिन बाद जेल से छूटे
इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को धार्मिक गुरु और पूर्व मंत्री कंप्यूटर बाबा को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया। कंप्यूटर बाबा को इसी महीने की शुरुआत में पुलिस ने तब गिरफ्तार किया था जब इंदौर जिला प्रशासन ने उनके आश्रम को ध्वस्त कर दिया था। कंप्यूटर बाबा पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी जमीन हड़पने के मकसद से अवैध तरीके से आश्रम का निर्माण कराया था। हाईकोर्ट के आदेश पर गिरफ्तारी के 11 दिन बाद कंप्यूटर बाबा को गुरुवार की शाम में सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से छूटकर बाहर आने को कंप्यूटर बाबा ने सत्य की जीत बताया है।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायधीश एससी शर्मा और न्यायधीश शैलेंद्र शुक्ला की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि 54 साल के नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा किसी और केस में वांछित न हों तो उनको तुरंत रिहा कर दिया जाय। कंप्यूटर बाबा के वकील ने बताया कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने के खिलाफ कंप्यूटर बाबा ने कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस आदेश को तुरंत जेल अधिकारियों तक पहुंचाया जाय। कोर्ट ने एडिशनल एडवोकेट जनरल पुष्यमित्र भार्गव को सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट को आदेश की जानकारी देने को कहा। इस पर पुष्यमित्र भार्गव ने कोर्ट को बताया कि कंप्यूटर बाबा को कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर के सेक्शन 151 के तहत गिरफ्तार किया गया था और उनकी रिहाई का आदेश जारी किया जा चुका है। दो एकड़ की सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से निर्मित आश्रम को ध्वस्त करने के बाद 8 नवंबर को कंप्यूटर बाबा को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद कंप्यूटर बाबा के खिलाफ दो पुलिस थानों में तीन केस दर्ज किए गए थे। बाबा के वकील ने बताया कि निचली अदालतों ने उनको सभी केसों में जमानत दे दी है।












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