MP News: अबकी बार हुई मिर्च की बंपर पैदावार, कुछ इस तरह किसानों को हुआ फायदा
पिछली मिर्च की फसल वायरस के कारण बर्बाद हो गई थी। बर्बाद होने के पीछे के कारणों का पता कुछ किसानों को खरगोन के कृषि मंडी में 16-17 जून को आयोजित हुए किसान सम्मेलन में तकनीकी जानकारियों से लाभ मिला।
किसानों ने फिर हिम्मत व कड़ी मेहनत और जोखिम उठाकर बेहतर कीट तथा समय प्रबंधन कर फसल तैयार की। इस वर्ष बोरांवा के कुछ किसानों की यह तकनीक करागर साबित हुई और अब वे हरी मिर्च की बंपर पैदावार ले रहे है।

किसानों ने कही ये बात
2 से 5 एकड़ के मिर्च काश्तकार मोतीराम वर्मा, ओमप्रकाश यादव, संजय पाल, महेश यादव, लालखेड़ा के श्याम पवार व अघावन के सदाशिव पाटीदार बताते है कि, मिर्च की खेती जोखिम की हो गई है। पिछले साल वायरस अटैक से घाटा हुआ। इस बार पौधे तैयार कर गर्मी में फसल लगा दी थी। किसान संगोष्ठी व सम्मेलनों की तकनीक सीख काम आई। इस तरह पिछले साल के घाटे को पाटने हरी मिर्च की बंपर पैदावार ले रहे हैं। गर्मी की लगाई मिर्च के फिलहाल 3000 रूपये क्विंटल भाव मिल रहे है। खरगोन, कसरावद व भीकनगांव ब्लॉक से हर पखवाड़ा 30 वाहन इंदौर, खंडवा व खरगोन मंडी मिर्च भेज रहे है।
लाल मिर्च से होगा मुनाफा
किसानों के मुताबिक वातावरण में उमस नही है इसलिए फसल बेहतर है। कीट प्रबंधन में परेशानी नहीं आई। प्रति एकड़ 25 हजार रूपये तक खर्च आया है। फिलहाल हरी मिर्च के शुरुआती भाव अच्छे हैं। भाव गिरेंगे तो घाटे की स्थिति में लाल मिर्च तैयार करेंगे। बाजार में भी सूखी मिर्च 200-300 रूपये किलो के भाव बिक रही है। अभी दो माह तक लाल मिर्च में तेजी के आसार बने हुए हैं।
प्रशिक्षणों से किसानों को मिलता है लाभ
उपसंचालक कृषि एमएल चौहान बताते हैं, पिछले साल वायरस अटैक से फसल को नुकसान हुआ था। कृषि व उद्यानिकी विभाग ने कृषि वैज्ञानिकों के ब्लॉक व जिला स्तर पर तकनीकी सत्र आयोजित किए थे। प्रशिक्षण का किसानों को लाभ मिलता है।
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