Indore news: BJP ने बनाया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, निकाली मौन रैली
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भारतीय जनता पार्टी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस बनाया। इस दौरान टावर चौराहे से मौन रैली निकाली गई। वहीं स्वामी प्रीतम दास सभागृह में मुख्य कार्यक्रम हुआ।
भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे एवं कार्यक्रम प्रभारी नारायण पटेल ने बताया कि, भारतीय जनता पार्टी इंदौर महानगर द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 14 अगस्त शाम 5 बजे टावर चौराहा से मौन जुलूस प्रारंभ हुआ जो सिंधी कॉलोनी स्थित स्वामी प्रीतमदास सभागृह पर पहुंचा।

कुछ इस तरह आयोजित हुआ कार्यक्रम
स्वामी प्रीतमदास सभागृह पर अतिथि उद्बोधन के साथ ही भाषण भविष्य का दंश झेलने वाले विस्थापित परिवार एवं विभाजन में अपनी जान गवाने वाले लोगों के परिवारजनों सम्मान किया गया। साथ ही अविभाजित भारत से विभाजित भारत में विस्थापित हुए मास्टर मेलु राम जी एवं श्री कल्याण दास जी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने कहा कि, विभाजन विभीषिका की स्मृति सभी के मन में बनी रहे इसलिए विभाजन विभीषिका का स्मृति दिवस हम मनाते हैं। 14 अगस्त एक ऐसा काला दिन है जब भारत को खंड - खंड करने के कई वर्षों से अंग्रेजी शासन के विचार को पूरा किया गया और इनके सहयोगी की भूमिका कांग्रेस और मुस्लिम लीग के साथ ही नेहरू और जिन्ना ने निभाई, इस विभीषिका के लेकर कांग्रेस ने कभी कोई बात नहीं की और ना ही अपनी जान गवाने वाले लोगों को याद किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर ध्यान दिया और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का निर्णय लिया, ताकि भारतवासियों को याद रहे कि दो व्यक्तियों के प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए किस तरह देश को 2 भागो में बांट दिया गया।
वक्ताओं ने कही ये बात
इस अवसर पर मुख्यवक्ता अजीत सिंह नारंग ने कहा कि, विभाजन विभीषिका हिंसा और नफरत का अंजाम था और यह उन गुरुओं की धरती पर हुआ जिन्होंने हमेशा प्रेम-प्यार से रहने की बात कही, इस देश का सबसे बड़ा धर्म राज धर्म है और विभाजन के समय उस ही धर्म का पालन नहीं हुआ, जिस कारण लाखों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी और कई माता बहनों के साथ बलात्कार कर उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया गया।
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