ऑपरेशन सिंदूर पर इंदौर में शहीद सुशील नथानियल की पत्नी बोलीं- हमने बहुत कुछ खोया है, लेकिन देश का सिर ऊंचा हुआ
Indore News: भारतीय सेना द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक रणनीति को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। इस साहसिक एयर स्ट्राइक पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसे "न्याय की पुनःस्थापना" करार दिया। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि आतंकवादियों के चेहरे पर खौफ साफ दिखे, क्योंकि भारत अब चुप रहने वाला देश नहीं रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे देश ने फिर सिद्ध कर दिया कि हम न केवल पीड़ा सह सकते हैं, बल्कि जवाब भी देना जानते हैं। ऑपरेशन सिंदूर उन वीर जवानों के बलिदान का प्रतिशोध है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह एक संदेश है - आतंक के हर ठिकाने पर अब निशाना साधा जाएगा।"

इंदौर में उमड़ा देशभक्ति का ज्वार, शहीद की पत्नी का भावुक संदेश
पहलगाम हमले में जान गवाने वाले इंदौर निवासी सुशील नथानियल की पत्नी ने जब ऑपरेशन सिंदूर की खबर सुनी, तो उनकी आंखें भर आईं, लेकिन उनके शब्दों में एक अदम्य साहस था। उन्होंने कहा, "जब सेना ने आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया, तो लगा जैसे हमारे दर्द की सुनवाई हुई है। हमने अपना सब कुछ खोया है, लेकिन अब वो डर उनके चेहरों पर होना चाहिए जिन्होंने हमें यह जख्म दिए। भारत को कमजोर समझने की गलती अब कोई न करे।"
उनकी बातों ने न सिर्फ शहीदों के सम्मान को और ऊंचा किया, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि देश की हर नागरिक अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सैनिक की तरह खड़ी है।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के ठिकानों पर सीधा प्रहार
भारत की खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर आधारित ऑपरेशन सिंदूर ने सीमापार मौजूद उन अड्डों को निशाना बनाया जहां आतंकी भारत में घुसपैठ और हमलों की साजिश रच रहे थे। यह एक बेहद सटीक और योजनाबद्ध एयर स्ट्राइक थी, जिसे रात के अंधेरे में अंजाम दिया गया।
इस ऑपरेशन के तहत सेना ने आधुनिक साजो-सामान और सटीक मिसाइल प्रणाली का उपयोग कर आतंकवादियों के सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो यह ऑपरेशन न सिर्फ रणनीतिक रूप से सफल रहा, बल्कि यह पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश भी है कि अब भारत की नीति "पहले सहना, फिर सोचना" नहीं है।
Indore News: सीएम यादव की नीति, देशभक्ति और कार्रवाई का संगम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार एक "प्रगतिशील लेकिन राष्ट्रवादी" नेता के तौर पर उभर रहे हैं। जहां एक ओर वे प्रदेश में सुशासन, कानून व्यवस्था और किसानों के हित में निर्णय ले रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर भी उनका स्पष्ट रुख उन्हें एक सशक्त प्रशासक के रूप में स्थापित करता है।
सीएम ने शहीद परिवारों के लिए विशेष पैकेज, शासकीय योजनाओं में प्राथमिकता और उनके नाम पर स्मारकों की घोषणा करने की बात भी दोहराई। उन्होंने कहा, "शहीद कभी मरते नहीं, वे हर नागरिक के दिल में हमेशा जीवित रहते हैं। राज्य सरकार उनके परिवारों के साथ है।"
प्रदेश में देशभक्ति की लहर, स्कूलों में विशेष सभाएं
ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रदेशभर में देशभक्ति की भावना जागृत हो उठी है। कई स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। युवाओं में देश के लिए कुछ करने का उत्साह स्पष्ट देखा गया। NCC और NSS इकाइयों ने शहीदों की स्मृति में मार्च निकाला और सोशल मीडिया पर #JusticeBySindoorStrike ट्रेंड करता रहा।
Indore News: क्या संदेश गया दुनिया को?
ऑपरेशन सिंदूर न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है, बल्कि यह वैश्विक समुदाय के लिए भी संदेश है कि भारत अब सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि निर्णायक कदम उठाने वाला राष्ट्र बन चुका है। मध्य प्रदेश से उठे इस जन-स्वर ने साबित कर दिया है कि जब बात देश की सुरक्षा की हो, तो नेता, नागरिक, और सैनिक - तीनों एक सुर में बोलते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की आतंकवाद के खिलाफ सटीक और निर्णायक कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 7 मई 2025 को शुरू की गई एक सैन्य कार्रवाई है, जिसका उद्देश्य 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देना था। इस हमले में 26 नागरिक, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक और एक नेपाली नागरिक शामिल थे, मारे गए थे। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना, थलसेना, और नौसेना ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत के "जीरो टॉलरेंस" रुख और पहलगाम के शहीदों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आइए, इस ऑपरेशन के प्रमुख पहलुओं को रोचक और विस्तृत रूप से समझते हैं।
ऑपरेशन का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरण वैली में आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF), जो लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है, ने पर्यटकों पर क्रूर हमला किया। इस हमले में आतंकियों ने धार्मिक पहचान पूछकर गोलियां चलाईं, जिससे 25 भारतीय और एक नेपाली पर्यटक शहीद हुए। हमले की जिम्मेदारी लेते हुए TRF ने दावा किया कि यह कश्मीर में "सामान्य स्थिति" को बाधित करने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए किया गया। भारत ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद करार दिया और जवाबी कार्रवाई का वादा किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद कहा था, "हर आतंकी और उनके समर्थकों को ढूंढकर सजा दी जाएगी।" इस वादे को पूरा करने के लिए, भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की योजना बनाई, जिसका नाम स्वयं प्रधानमंत्री ने चुना। "सिंदूर" शब्द हिंदू संस्कृति में विवाहित महिलाओं के माथे पर लगाए जाने वाले लाल रंग का प्रतीक है, जो उनके पति की लंबी उम्र और सुरक्षा का संकेत देता है। पहलगाम हमले में आतंकियों ने कथित तौर पर हिंदू महिलाओं से उनका सिंदूर मिटाने और "मोदी को बता देना" जैसे अपमानजनक शब्द कहे थे। ऑपरेशन का नाम इस अपमान का जवाब और शहीदों की पत्नियों के दर्द को प्रतिबिंबित करता है।
ऑपरेशन का समय और स्थान
ऑपरेशन सिंदूर को 7 मई 2025 की रात 1:44 बजे शुरू किया गया। भारतीय वायुसेना के राफेल जेट्स, ड्रोन, और अन्य हथियार प्रणालियों ने निम्नलिखित नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया:
- बहावलपुर (पाकिस्तान): जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, जहां आतंकी प्रशिक्षण शिविर संचालित होते हैं।
- मुरीदके (पंजाब, पाकिस्तान): लश्कर-ए-तैयबा का गढ़, जिसे "पाकिस्तान का आतंकी नर्सरी" कहा जाता है, जहां 200 एकड़ में फैला प्रशिक्षण केंद्र है।
- कोटली, बाघ, मुजफ्फराबाद (PoK): हिजबुल मुजाहिदीन और अन्य आतंकी समूहों के ठिकाने।
- सियालकोट, चक अमरू, गुलपुर (पाकिस्तान/PoK): आतंकी लॉजिस्टिक्स और हथियार डिपो।
- भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बयान दिया, "हमारी कार्रवाई केंद्रित, संयमित, और गैर-आक्रामक थी। कोई भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा निशाना नहीं बनी। भारत ने लक्ष्य चयन और कार्यान्वयन में अत्यधिक संयम बरता।"












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