Varun Dhawan और kriti sanon ने किया Bhediya का प्रमोशन, यूथ को दिया खास मैसेज
बॉलीवुड के सुपर स्टार वरुण धवन और कृति सेनन की फिल्म भेड़िया जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी है। वहीं एक्टर वरूण धवन और एक्ट्रेस कृति सेनन देश के अलग-अलग शहरों में फिल्म भेड़िया का प्रमोशन करते नजर आ रहे हैं, जहां मिनी मुंबई कहे जाने वाले शहर इंदौर में एक्टर वरूण धवन और कृति सेनन की एंट्री हुई, जहां दोनों ही स्टार्स ने फिल्म भेड़िया का प्रमोशन करने के साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म से जुड़ी जानकारी दी।

इंदौर को लेकर कही बड़ी बात
मीडिया से बातचीत करते हुए एक्टर वरुण धवन ने कहा की, पहले तो मैं कहना चाहूंगा कि, मैं जब भी इंदौर आया हूं, अपनी फिल्म प्रमोट करने वह फिल्म हिट गई है, सुपरहिट गई है तो मैं आप लोगों का थैंक यू करना चाहता हूं। जब यह प्लान बन रहा था कि भेडिया का प्रमोशन करना है, और बहुत धूमधाम से करना है, कहां जाना है, क्या करना है। तब मानना था कि, इंदौर चलते हैं, तब मैंने बोला कि हां मैं लंबे वक्त से इंदौर नहीं गया हूं, तब मैंने अपने डेड से पूछा था तब उन्होंने कहा था कि जब कोई फिल्म इंदौर में चलती है तो वह फिल्म पूरे देश में चलती है।

कुछ ऐसी है फिल्म की कहानी
एक्टर वरुण धवन ने फिल्म की कहानी को लेकर कहा की, भारत के छोटे-छोटे कोनों में चले जाओ विलेजस में चले जाओ, ऐसी बहुत कहानियां होती है कि, कोई आदमी या औरत जंगल में खो गए, फिर कोई दूसरे रूप धारण कर घर लौटे हैं, या अलग लैंग्वेज में बात कर रहे हैं। यह में हमेशा सुनने मिलती है, यह कहानियां बचपन में दादी और नानी हमें बताती है, क्योंकि हम सिटी और टाउन में रहते हैं, इसलिए हम अपना सारा बिलीव साइंस में डालते हैं। हम लोगों को इन सब चीजों पर नहीं बिलीव करना, पर कहीं ना कहीं यह सब चीजें भी होती हैं। यह हमारी दुनिया में है। कुछ चीजें ऐसी होती है, जो साइंस सपोर्ट नहीं करती है, उसे हम क्या कहेंगे, वह एलिमेंट भेडिया में है। मेहनत तो बहुत लगी है। हमारे डायरेक्टर अमन कौशिक का जो विजन था, वह फॉलो किया है, 6 महीने से लेकर 1 साल तक बहुत मेहनत की है।

युवाओं को दिया खास संदेश
एक्टर वरुण धवन ने कहा कि, प्रेशर तो मुझे लगता है हर व्यक्ति पर होता है, हर दिन मैं जब अपने दोस्तों से बात करता हूं, जो अलग काम करते हैं मतलब इंडस्ट्री में नहीं है, वह भी प्रेशर लेते हैं। काफी जो युवा पीढ़ी से लोग हैं, वह इतना प्रेशर लेते हैं, क्योंकि सोसाइटी का प्रेशर होता है, सोसाइटी प्रेशर इतना होता है, चाहे वह मां-बाप डाल रहे हो, रिलेटिव डाल रहे हो, लोग डाल रहे हो, यह हमारे ऊपर है, हमें कितना लेना है, नहीं लेना है, तो कहीं ना कहीं आफ्टर समटाइम आई हैव डिसाइडेड यह जितना भी आवाज है सोशल मीडिया का आवाज है, लोगों की आवाज मैं म्यूट पर डालना चाहता हूं, मैं क्या हूं, मैं एक्टर हूं, जो मेरे हाथ में है, मैं उसे संभालना चाहता हूं, जो रिजल्ट होगा, पहले मैं बहुत रिजल्ट ओरियेंटेड था पर मैं भगवान थोड़ी हूं, जो बोलूंगा वह होगा ही, तो मैं अपना कार्य कर सकता हूं, मैं यही मानता हूं कि मनुष्य को अपना कार्य करना चाहिए, और जो रिजल्ट आएगा वो भगवान के ऊपर छोड़ देना चाहिए।












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