WhatsApp ग्रुप पर आपत्तिजनक पोस्ट के लिए Admin होगा जिम्मेदार, रोकें नहीं तो झेलनी पड़ेगी सजा
सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक पोस्ट कर माहौल बिगाड़ा जाता है। वहीं अब इससे निपटने के लिए कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।

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Khandwa में अब वॉट्सअप, फेसबुक व सोशल मीडिया के अन्य साधनों से आपत्तिजनक पोस्ट करने एवं धार्मिक भावनाएं भड़काने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। अपर जिला दण्डाधिकारी ने इस संबंध में दण्ड प्रक्रिया की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिये है। जारी आदेश के अनुसार आपत्तिजनक संदेश, फोटो या वीडियों को फारवर्ड करने अथवा पोस्ट करने पर ग्रुप एडमिन तथा संदेश प्रसारित करने वाले के विरूद्ध यह दण्डात्मक कार्रवाई होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई की जायेगी।

कुछ ऐसा है आदेश
फेसबुक संचालन करने वाले नागरिक तथा वॉट्सअप ग्रुप एडमिन अपने ग्रुप में धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले संदेश के लिए जिम्मेदार होंगे। अतः वे स्वयं ऐसा कोई विवादास्पद संदेश न तो खुद प्रसारित करे और ना ही अपने ग्रुप के सदस्यों को ऐसा करने दें। यदि वॉट्सअप ग्रुप में कोई आपत्तिजनक संदेश ग्रुप के किसी भी सदस्य द्वारा प्रसारित किया जाता है तो एडमिन की जिम्मेदारी होगी कि वह इसके संबंध में निकटतम पुलिस थाने को सूचित करे। ऐसा न करने पर ग्रुप एडमिन घटना के लिए जिम्मेदार माना जायेगा। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे वॉट्सअप अथवा फेसबुक पर किसी धर्म सम्प्रदाय के संबंध में आपत्तिजनक संदेश या चित्र फारवर्ड न करे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

सोशल मीडिया के जरिए बिगाड़ा जाता है माहौल
इससे पहले देखा गया है कि, सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक पोस्ट कर माहौल बिगाड़ा जाता है। वहीं अब इससे निपटने के लिए इस तरह के आदेश जारी किए गए हैं। आदेश जारी होने के बाद अब सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जहां व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माहौल बिगाड़ने के लिए की गई पोस्ट को यदि समय रहते नहीं हटाया गया तो एडमिन भी इसके लिए जिम्मेदार होगा, जहां एडमिन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

सायबर कैफे पर रहेगी पैनी नजर
अपर जिला दण्डाधिकारी ने जिले में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए है। जारी आदेश के अनुसार सायबर अपराधों की घटनाओं को रोकने के लिए सायबर कैफे में सीसीटीवी केमरे लगाना अनिवार्य होगा, जिसकी कम से कम एक महीने तक रिकार्डिंग सुरक्षित रखना होगी। इसकी जिम्मेदारी सायबर कैफे संचालक की होगी। सायबर कैफे में कार्यरत् कर्मचारियों की पूरी जानकारी परिचय पत्र व फोटो सहित निकटतम पुलिस थाने में जमा कराना होगी। सायबर कैफे मालिक अपने वैध लायसेंस की प्रति थाने में जमा करायेगा तथा एक प्रति अपने सायबर कैफे में मुख्य स्थान पर प्रदर्शित करेगा। सभी कम्प्यूटर सिस्टम पर पोर्न साइट फिल्टर अनिवार्य रूप से लगाना होगा। सायबर कैफे में कम्प्यूटर उपयोग करने वाले व्यक्तियों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जायेगी तथा बिना आईडी प्रुफ के कम्प्यूटर संचालन की अनुमति किसी भी व्यक्ति को नहीं दी जायेगी।
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