लखनऊ मेट्रो: बुआ के काम पर क्रेडिट के फेर में बबुआ, पर योगी बीच में आ गए
राजनीति का अपना ही खेल है। फसल बोता कोई है और काटता कोई है। ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है यूपी के लखनऊ में। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल राम नाईक की मौजूदगी में लखनऊ की मेट्रो सेवा की शुरुआत की गई। मेट्रो अभी ठीक से चली भी नहीं थी कि नेताओं में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई। पूर्व सीएम और मौजूद सीएम अपनी-अपनी तारीफ करते नजर आए, लेकिन इसकी हकीकत कुछ और ही है।

नेताओं ने ट्विटर पर छेड़ा सियासी वार
दरअसल, जिस मेट्रो का उद्घाटन आज सीएम योगी आदित्नाथ कर रहे थे उसका सपना देखा था यूपी की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने। भले ही मायावती ने प्रोजक्ट की शुरुआत के लिए काम किया हो, लेकिन ट्विटर पर अखिलेश यादव और योगी ने सियासी वार छेड़ दिया। अखिलेश ने ट्विटर पर लिखा, 'इंजन तो पहले ही चल दिया था...डिब्बे तो पीछे आने ही थे।'
योगी ने किया पीएम मोदी का धन्यवाद
मेट्रो का श्रेय लेने में योगी आदित्यनाथ भी नहीं चूंके, उन्होंने इस मौके पर पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया। योगी ने ट्विटर पर लिखा- लखनऊ मेट्रो को आसान किस्तों पर लोन दिलाने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को कोटि कोटि धन्यवाद।

मायावती ने की थी पहल
दरअसल यूपी की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने साल 2011 में पहल करते हुए दो बार लखनऊ मेट्रो की पूरी रिपोर्ट को उस वक्त की केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिल सकी।

अखिलेश भी कर चुके हैं उद्घाटन
लखनऊ में मेट्रो चलाने का सपना मायावती ने देखा लेकिन इसे जमीन पर अखिलेश सरकार ने उतारा। अखिलेश यादव सरकार में मेट्रो को मंजूरी मिल गई। मेट्रो की शुरुआत में साल 2013 में हुई और 2017 में बनकर तैयार हो गया। हालांकि चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने उद्घाटन कर दिया था, लेकिन उस समय महज दो मेट्रो स्टेशनों के बीच का काम हुआ था।












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