कश्मीर–झारखंड चुनावों के लिये भारतीय वायुसेना को सलाम

नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। अब जम्मू-कश्मीर और छत्‍तीसगढ़ विधानसभाओं के नतीजे ईने वाले हैं। नतीजें आने के बाद सरकार के गठन को लेकर हलचल शुरू जाएगी। पर कम ही लोगों को मालूम है कि इन दोनों प्रदेशों में अमन से चुनाव करवाने में भारतीय वायु सेना ने कमाल का योगदान दिया। पता चला है कि चुनाव आयोग के मतदान अधिकारियों, सुरक्षा कर्मचारियों और इलेक्‍ट्रोनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को सुदूर क्षेत्रों में ले जाने और ले आने के काम को वायु सेना के हेलिकॉप्‍टरों ने 25 से ज्‍यादा हेलिपैडों से उड़ानें भरीं।

Yeoman service of Indian Air force in holding elections in two states

जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी वायु कमान ने 25 नवम्‍बर से जम्‍मू-कश्‍मीर चुनावों में सहायता करने के लिए अपने हेलिकॉप्‍टर बेड़े का उपयोग किया, जिसने 160 घंटों से ज्‍यादा के समय में लगभग 300 छोटी उड़ानें भरीं।

दुर्गम क्षेत्रों में पहुंची

भारतीय वायु सेना ने कश्मीर के दुर्गम और सुदूर क्षेत्रों में ईवीएम, चुनाव कर्मियों और सुरक्षाबलों को समय पर पहुंचाया। इसके लिए हेलिकॉप्‍टर बेड़े का इस्तेमाल हुआ। हेलिकॉप्‍टरों का उपयोग चुनाव के संचालन के दौरान इनशान, नवापंछी और सोनदार, का‍रगिल जैसे सुदूर स्‍थानों और जांसकर तथा लद्दाख श्रृंखलाओं जैसी ऊंची और सुदूर स्‍थानों पर कर्मचारियों और उपकरणों को लाने और ले जाने के लिए किया गया था।

चीता हेलिकॉप्‍टरों का इस्तेमाल

इस कार्य के लिए आईएएफ एमआई 17वी5, एएलएच और चीता हेलिकॉप्‍टरों का उपयोग किया गया। जिन वायुसेना कर्मचारियों ने इन उड़ानों का संचालन किया, उन्‍हें इस दायित्‍व ने उनके उड़ान कौशलों को प्रखर बनाने का अवसर मुहैया कराया।

रक्षा मामलों के जानकार अरुण कुमार ने कहा कि आमतौर पर वायु सेना के इस तरह के बेहतरीन काम के बारे में देश को मालूम ही नहीं चलता। यह अच्छी बात है कि अब सूचना क्रांति के युग में लोग वायु सेना के इस पक्ष को भी जान रहे हैं।

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