ईयर एंडर 2017: युवा चेहरे जो इस साल रहे सुर्खियों में

नई दिल्ली। साल 2017 अंतिम पड़ाव में है। उपलब्धियों की दृष्टि से देखा जाए तो इस साल देश के कई युवाओं ने शानदार उपलब्धियां हासिल कर देश का मान बढ़ाया। अगर बात खेल की करें तो इस साल भारत के नाम कई उपलब्धियां रही। जहां महिला क्रिकेट टीम ने विश्व के फाइनल में पहुंची तो वहीं खेल के क्षेत्र में कई और युवा नाम उभर कर सामने आए जैसे बेडमिंटन प्लेयर श्रीकांत किदांबी, वेटलिफ्टर मीराबाई चानू। अगर बात राजनीति की करें तो देश की राजनीति में दो ऐसे युवाओं का पदार्पण जिन्होंने एक राज्य के चुनावों कि दिशा ही बदल दी। ये दो नाम है हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवाणी। वहीं मनोरंजन के क्षेत्र में भी कई युवा चेहरे इस साल लाइम लाइट में रहे। पहला नाम आता इंटरनेट सनसनी डिंचैक पूजा का। जो अपने बेसुरे गानों के चलते चर्चा में रहीं। तो वहीं अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके राजकुमार राव भी इस साल खासे चर्चाओं में रहे। आइए हम आपको कुछ ऐसे ही युवा चेहरों से रूबरु करवाते है जो इस साल चर्चा में रहे।

हार्दिक पटेल
पटेल आरक्षण आंदोलन के जरिए हार्दिक पटेल को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में नई पहचान मिली। हार्दिक पटेल ने आंदोलन के जरिए गुजरात की तस्वीर को बदल कर रख दी। हार्दिक पटेल का जन्म 20 जुलाई 1993 में चन्दन नगरी, गुजरात में भरत और उषा पटेल के घर हुआ था। वर्ष 2004 में अपने बच्चे के अच्छे शिक्षा हेतु इनका परिवार वीरमगम शहर 10 किलोमीटर दूर चला गया। हार्दिक ने 6वीं से 8वीं की कक्षा दिव्य ज्योत विद्यालय, वीरमगम में पूरी की। हार्दिक अपनी 7वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के पश्चात अपने पिता के छोटे से व्यापार को चलाने में सहायता करने लगे। हार्दिक पटेल गुजरात के कड़ी तालुका के भाजपा कार्यकर्ता भरतभाई पटेल के बेटे हैं। उन्होंने तीन साल पहले अहमदाबाद के सहजानंद कॉलेज से स्नातक किया है। गुजरात में हाल ही में हुए चुनावों में नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बाद तीसरा सबसे बड़ा चेहरा थे। पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हार्दिक पटेल अभी सिर्फ 24 साल के हैं लेकिन उनके साथ गुजरात के हजारों युवा का समर्थन है।

जिग्नेश मेवाणी
इस समय गुजरात के दलित आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा जिग्नेश मेवाणी हैं। मेहसाणा जिले में जन्मे जिग्नेश 'आजादी कूच आंदोलन' चला चुके हैं। जिसमें उन्होंने लगभग 20 हजार दलितों को एक साथ मरे जानवर न उठाने और मैला न ढोने की शपथ दिलाई थी। पेशे से पत्रकार और वकील जिग्नेश एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। 11 दिसंबर 1980 में गुजरात के मेहसाना में जन्मे मेवाणी इन दिनों मेघानीनगर में रह रहे हैं। यह अहमदाबाद का दलित बहुल इलाक़ा है। उनके पिता नगर निगम के कर्मचारी थे और अब रिटायर हो चुके हैं। महात्मा गांधी की 'दांडी यात्रा' से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने दलितों की यात्रा का आयोजन किया और उसे नाम दिया दलित अस्मिता यात्रा। 34 साल के जिग्नेश मवाणी धाराप्रवाह अंग्रेज़ी, गुजराती और हिंदी तीनों भाषाओं में बात करते हैं। अभी शायद ही कोई नेता गुजरात में हो जो तीनों भाषाओं में इतनी अच्छी पकड़ रखता हो। जिग्नेश ने मॉस कम्युनिकेशन और कानून की पढ़ाई की है। वे पत्रकार भी रह चुके हैं, उन्होंने मुंबई के एक अखबार में नौकरी भी की है। पेशे से वकील जिग्नेश साहित्य में भी विशेष रुचि रखते हैं। उन्होंने दिल्ली में जेएनयू के छात्रों के संघर्ष में भी शिरकत की है।

मीराबाई चानू
वेटलिफ्टिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश के लिए सोना जीतने वालीं मीराबाई चानू ने गौरव बढ़ाया। इससे पहले चानू को शायद ही लोग जानते हों लेकिन इस उपलब्धि के बाद वे देश भर में फेमस हो गई। भारतीय रेलवे में कार्यरत चानू ने स्नैच में 85 किलो और क्लीन एंड जर्क में 109 किलो वजन उठाया। उन्होंने 48 किलो वर्ग में कुल 194 किलो वजन उठाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह दूसरी भारतीय वेटलिफ्टर हैं। 22 साल पहले कर्णम मल्लेश्वरी भारत की पहली वर्ल्ड चैंपियन बनीं थीं। चानू रियो ओलिंपिक में तीनों प्रयासों में नाकाम रही थीं और 12 भारोत्तोलकों में वह स्पर्धा पूरी नहीं कर पाने वाली दो में से एक रही थीं।

श्रीकांत किदांबी
वर्ल्ड नंबर-2 भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत का स्वर्णिम दौर जारी है। 24 साल के श्रीकांत ने पांच महीने में चौर सीरीजों को अपने नाम किया है। आंध्र प्रदेश के गुंटूर के रहनेवाले श्रीकांत की कड़ी मेहनत और सतत आगे बढ़ते रहने के जज़्बे का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि चार साल पहले 2012 में वर्ल्ड रैंकिंग में वे 240 वें स्थान पर थे। सालभर में ही वे 13 वें स्थान पर पहुंच गए। फिलहाल वह दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी हैं। किदांबी श्रीकांत ने 2017 में इंडोनेशिया ओपन , ऑस्ट्रेलिया ओपन, डेनमार्क ओपन और फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम किया है।

हरमनप्रीत कौर
2017 महिला क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करने वाली हरमनप्रीत कौर नाम आज बच्चा-बच्चा जानता है। आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2017 के बारिश से बाधित सेमीफाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं हुई। लेकिन हरमनप्रीत कौर ने केवल 115 गेंदों पर नाबाद 171 रन बनाकर आस्ट्रेलिया टीम को बैकफुट पर आई गई। दाएं हाथ की 28 वर्षीय बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर लीक से हटकर चलने के लिए जानी जाती हैं। पंजाब के मोगा में 8 मार्च 1989 को जन्मीं हरमनप्रीत कौर क्रिकेट के अलावा फिल्मों, गाने और कार चलाने की शौकीन हैं। बॉलीवुड फिल्म दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे, वो कई बार देख चुकी हैं। हरमनप्रीत कौर ने अपना पहला वनडे 2009 में खेला था।

ढिंचैक पूजा
'सेल्फी मैंने ले ली आज' गाने से इंटरनेट में सनसनी बन चुकी ढिंचैक पूजा की काफी बड़ी फैन फॉलोइंग है। उत्तर प्रदेश से आई पूजा जैन दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से पढ़ाई कर रही हैं। सोशल मीडिया पर अपने गानों से छा जाने वाली पूजा ने ढिंचैक पूजा के नाम से ख्याति पा ली है। पूजा अभी खुद महीने में 3.20 लाख से लेकर 50 लाख तक की कमाई कर लेती हैं। पूजा एक यूट्यूबर हैं। ढिंचैक पूजा को अपने यूट्यूब चैनल के जरिये लगभग 22 लाख व्यूअर्स हर महीने मिलते हैं। ढिंचैक पूजा अब तक 12 वीडियो रिलीज कर चुकी हैं। इन 12 वीडियोज को लगभग तीन करोड़ व्यूज मिल चुके हैं। ढिंचैक पूजा के यूट्यूब पेज के 1 लाख सबस्क्राइबर हैं।

तेजस्वी यादव
राजनीति की दुनिया में बेहद लोकप्रिय माने जाने वाले आरजेडी अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के छोटे तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति का उभरता चेहरा है। 2015 में महागंठबंधन में बिहार के सबसे कम उम्र के उप मुख्यमंत्री बने। तेजस्वी आज सत्ता से भले ही बाहर है लेकिन वे नीतीश सरकार के विपक्षी के तौर पर मिली भूमिका को बड़े सश्क्त तरीके से निभा रहे हैं। तेजस्वी यादव का जन्म 9 नवंबर 1989 को पटना बिहार में हुआ है। बेहद ही मस्त-मौला तेजस्वी क्रिकेट के खिलाड़ी रह चुके हैं। तेजस्वी यादव ने झारखंड टीम के लिए क्रिकेट खेला है। तेजस्वी आईपीएल की दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के मेंबर रह चुके हैं। तेजस्वी 2008, 2009, 2011 और 2012 में आईपीएल के दिल्ली टीम के हिस्सा थे।
तेजस्वी काफी हाजिर जवाब माने जाते हैं। इन दिनों वे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं।

मानुषी छिल्लर
मानुषी ने 17 साल बाद दिलाया देश को ताज इस साल का मिस वर्ल्ड हर मायने में चर्चा में रहा। भारत की मानुषी छिल्लर ने देश को 17 साल बाद मिस वर्ल्ड का ताज दिलाया। आखिरी राउंड में उनसे पूछे गए सवाल की भी देश-दुनिया में काफी चर्चा हुई। मानुषी से पूछा गया था कि वो कौन सा पेशा है जिसमें सबसे ज्यादा सैलरी मिलनी चाहिए। इसके जवाब में मानुषी ने कहा कि मां को सबसे ज्यादा सैलरी मिलनी चाहिए। और सिर्फ सैलरी ही नहीं बल्कि उन्हें प्यार और सम्मान भी मिलना चाहिए। इस जवाब ने न केवल जजों का, बल्कि पूरी दुनिया का दिल जीत लिया।












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