Year Ender 2024: इस साल की वो प्राकृतिक आपदाएं जिसने मचा दी तबाही ही तबाही, उजड़ गए कई परिवार
Natural Disasters in India 2024: देश को 2024 में कई विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा। जिसमें बाढ़, भूस्खलन और चक्रवात शामिल हैं। इन त्रासदियों में बड़ी संख्या में मौंते हुई, लोग बेघर हो गए और कई परिवार उजड़ गए। इस साल भारत में सबसे विनाशकारी घटनाओं में केरल के वायनाड में हुई भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन की घटना थी, वो तबाही का मंजर याद कर आज भी दिल दहल जाता है।
इसके अलावा असम और गुजरात में आई प्रलयकारी बाढ़ के कारण हाहाकार मच गया था। इसी साल हिमाचल और उत्तराखंड में हुए भूस्खलन से त्राहि-त्राहि मच गई थी। आइए 2024 को अलविदा कहते हुए साल में इन प्राकृतिक आपदाओं के बारे में जानते हैं और प्रार्थना करते हैं कि नववर्ष 2025 में हर तरफ बस खुशहाली ही खुशहाली हो?

2024 की सबसे बड़ी आपदा वायनाड त्रासदी
जुलाई 2024 के अंतिम सप्ताह में केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश हुई जिसके कारण एक के बाद एक कई भूस्खलन हुआ। जिसमें सैंकड़ों घर तबाह हो गए और लगभग 400 से अधिक लोगों की जान चली गई। केरल भूस्खलन वर्ष का सबसे भयानक भूस्खलन था।
मलबे में फंस गई थीं कई लोगों की जिदंगियां
भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ और मलबे में लोग फंस गए। लगातार तेज बारिश और भूस्खलन के बाद आई तबाही के कारण बचाव दल का आपदा स्थल पर पहुंचना नामुमकिन था, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), सेना, वायु सेना, नौसेना, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा, पुलिस और स्थानीय आपातकालीन दल अपनी जान की बाजी लगाकर वहां पहुंचे। तेज बारिश में सेना के जवान और अन्य बचाव दल ने मबले में फंसे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों को बड़ी मशक्कत करने के बाद बचाया। इस त्रासदी में कई परिवार उजड़ गए।
2024 में हिमाचल में भूस्खलन से भारी तबाही
अगस्त 2024 में हिमाचल प्रदेश में बादल फटने के बाद भूस्खलन हुआ जिसमें शिमला, कुल्लू और मंडी समेत कई इलाकों में तबाही मचाई थी। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई है और कई लोग लापता हो गए। थे। शिमला के रामपुर क्षेत्र के समेज गांव से आठ स्कूली बच्चों के लापता होने की खबर आई थी। इस प्राकृतिक आपदा के बाद, राज्य में हल्की भूकंपीय गतिविधि भी हुई। भूकंप के कारण सौभाग्य से कोई और हताहत या क्षति नहीं हुई। बादल फटने और उसके बाद हुए भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क को गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। बचाव कार्य में बड़ी बाधा का सामना करना पड़ा था।
उत्तराखंड के जोशीमठ भूस्खलन
10 जुलाई, 2024 को उत्तराखंड के चमोली से जोशीमठ से लगभग 3 किलोमीटर पहले NH7 पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ। जिससे निर्माण श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ गई। ये लोग हेलंग-मारवाड़ी बाईपास पर काम कर रहे थे, जब उनके ऊपर की पहाड़ी टूट गई, जिससे मिट्टी और पत्थर का एक बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया। उन्हें नुकसान से बचने के लिए नीचे गिरते मलबे के रास्ते से भागना पड़ा। घटना की गंभीरता इतनी गंभीर थी कि इससे धूल के बादल काफी दूर से दिखाई देने लगे, जिससे यात्रा पर जाने वाले ट्रेकर्स प्रभावित हुए।
असम और गुजरात में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन
अगस्त 2024 में मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश के कारण भारत के कई इलाकों में भयंकर बाढ़ और भूस्खलन हुआ। शुरुआत में, असम ने इस प्राकृतिक आपदा का खामियाजा भुगता, जिसमें करीमगंज के चरगुला में कचुआ नदी के पास के समुदाय गंभीर रूप से प्रभावित हुए।
असम में स्थिति विशेष रूप से भयावह थी, क्योंकि उफनती कचुआ नदी ने पूरे इलाके को बाढ़ के पानी में डुबो दिया था। इससे चरगुला, करीमगंज में घरों और खेतों को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे कई परिवार बेघर हो गए और उनके पास आय का कोई स्रोत नहीं रहा।
गुजरात राज्य भी लगातार बारिश का शिकार हुआ, अगस्त के अंत में भारी बाढ़ का सामना करना पड़ा। भारी बारिश के कारण नदियां अपने किनारों से ऊपर बहने लगी, जलभराव हो गया और विनाशकारी भूस्खलन हुआ। इससे न केवल बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में हजारों निवासियों को विस्थापित भी होना पड़ा।












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