Year Ender 2024: पीएम मोदी ने तीसरी बार की वापसी, राहुल गांधी ने भी जमाए पैर, जानें राजनीति में परिवर्तन
Year Ender 2024: साल 2024 खत्म होने के कगार पर है और नए साल यानी 2025 की तैयारियां शुरू हो चुकी है। 2024 में भारत की राजनीति में काफी परिवर्तन हुए है। पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे। तो वहीं, राहुल गांधी ने राजनीति में अपनी खोई जमीन कुछ हद तक हासिल करने में कामयाबी पाई है। अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन को जेल तक जाना पड़ा।
भारतीय राजनीति में इस साल कई अहम बदलाव देखने को मिले। दरअसल, इस साल देश में सबसे बड़ा चुनाव लोकसभा का हुआ, जिसमें देश की जनता ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेतृत्व सौंपा है। वहीं, हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हुए है। इन राज्यों में बदलावों से सीख लेते हुए सभी नेता आगे बढ़ रहे हैं। झारखंड में हेमंत सोरेन की पार्टी ने फिर से कब्जा जमाया है।

लोकसभा चुनाव में 642 मिलियन लोगों ने किया मतदान
साल 2024 में चुनाव आयोग ने दुनिया की सबसे बड़ी चुनावी प्रक्रिया (लोकसभा चुनाव) को अंजाम दिया। इस चुनाव में 642 मिलियन लोगों ने मतदान किया और अगले पांच सालों तक पर कौन शासन करेगा यह तय किया। अप्रैल से जून के बीच सात चरणों में चुनाव हुए थे। इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरा कार्यकाल हासिल किया, हालांकि भाजपा का प्रदर्शन उम्मीदों से कम रहा।
कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाम में मिली बढ़त
इस बीच, राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी ने अपनी सीटों को दोगुना कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता बन गए। क्योंकि,कांग्रेस पार्टी ने 99 सीटें जीतीं, जो 2019 में हासिल की गई संख्या से लगभग दोगुनी थी। देश की सबसे पुरानी पार्टी ने इस प्रदर्शन का जश्न नरेंद्र मोदी के बड़े-से-बड़े आंकड़े के खिलाफ जीत की तरह मनाया।
केजरीवाल को जाना पड़ा था जेल
दिल्ली में उस समय राजनीतिक उथल-पुथल मच गई जब आबकारी नीति घोटाले के कारण मंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा। उनके इस्तीफे के बाद आतिशी ने मुख्यमंत्री का पद संभाला। हालांकि, अगले सात महीनों तक वे सलाखों के पीछे दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शर्तों के साथ ज़मानत नहीं दे दी, जिसके बाद उन्होंने पद छोड़ दिया।
इन राज्यों की राजनीति में हुआ परिवर्तन
झारखंड में हेमंत सोरेन ने कानूनी चुनौतियों को पार करते हुए विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीतिक वापसी की। आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू ने मुख्यमंत्री के रूप में वापसी की, जिससे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से तेलुगु देशम पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को सत्ता मिली। ओडिशा में एक बड़ा राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिला।
जब भाजपा ने राज्य विधानसभा में बहुमत हासिल करके बीजू जनता दल के 24 साल के शासन को समाप्त कर दिया। जम्मू और कश्मीर में, अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख पार्टी के रूप में उभरी। हरियाणा ने भाजपा को लगातार तीसरी जीत दिलाई, जिसने राज्य में पार्टी की मजबूत उपस्थिति को दर्शाया।
महाराष्ट्र में भी मिली महायुति गठबंधन को जीत
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को निर्णायक जीत मिली। इस शानदार जीत के बाद देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री के रूप में वापस आ गए। बता दें कि भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हुए चुनावों में शानदार जीत दर्ज की थी। 288 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 132 सीटें जीतीं और उसके सहयोगी शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटें जीतीं।
विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को हाल के इतिहास में सबसे बुरी हार का सामना करना पड़ा क्योंकि गठबंधन के तीन मुख्य घटक केवल 50 सीटों पर जीत हासिल कर सके- कांग्रेस 16, शिवसेना (यूबीटी) 20 और एनसीपी (एसपी) 10। शानदार प्रदर्शन में भाजपा सबसे आगे रही, जिसने सत्ता विरोधी लहर को पूरी तरह से मात दी और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पश्चिमी राज्य में 149 सीटों में से 132 सीटें जीतकर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
2024 त्रिपुरा शांति समझौता
4 सितंबर को भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब केंद्र, त्रिपुरा सरकार और राज्य के दो विद्रोही संगठनों- नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (NLFT) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (ATTF) के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद त्रिपुरा में 35 साल से चल रहा उग्रवाद समाप्त हो गया।
इस समझौते पर नॉर्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा और NLFT और ATTF दोनों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। समझौते के अनुसार, केंद्र ने त्रिपुरा के आदिवासियों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले चार साल की अवधि के लिए 250 करोड़ रुपये की राशि के विशेष आर्थिक विकास पैकेज को मंजूरी दी।












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