Year Ender 2021: इस साल देश में मारे गए ये 5 पत्रकार, 4 की हुई हत्या और 5वें का किस्सा खतरनाक

Year Ender 2021: इस साल देश में मारे गए ये 5 पत्रकार, 4 की हुई हत्या और 5वें का किस्सा खतरनाक

नई दिल्ली, 18 दिसंबर: अमेरिकी गैर-लाभकारी समिति ने हाल ही में पत्रकारों की सुरक्षा (सीपीजे) को लेकर रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दावा किया गया है कि इस साल अपने काम को लेकर या काम के लिए मारे गए पत्रकारों की संख्या भारत में सबसे अधिक है। प्रेस की स्वतंत्रता और मीडिया पर हमलों के अपने वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में 19 पत्रकारों में से चार जिनकी 2021 में "उनके काम के लिए प्रतिशोध में हत्या" की गई थी वो भारत के थे। वहीं भारत के पांचवें पत्रकार की मौत "खतरनाक असाइनमेंट" के दौरान हुई थी। सीपीजे के अनुसार मारे गए 5 पत्रकारों में से 4 की पुष्टि की गई थी कि उनकी रिपोर्टिंग की वजह से उनकी हत्या कर दी गई थी। हालांकि सीपीजे और भारत के पुलिस के बयानों में थोड़ा मतभेद है। आइए जानें इन 5 पत्रकारों के बारे में?

1. सुलभ श्रीवास्तव: पुलिस ने कहा-एक्सीडेंट, परिवार का दावा- हत्या

1. सुलभ श्रीवास्तव: पुलिस ने कहा-एक्सीडेंट, परिवार का दावा- हत्या

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहने वाले टेलीविजन पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव एबीपी न्यूज और एबीपी गंगा के लिए काम चुके हैं। 13 जून 2021 को 42 वर्षीय पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की डेथ बॉडी मिली थी। उसके कई दिनों से पहले शराब माफियाओं द्वारा सुलभ श्रीवास्तव को जान से मारने की धमकी मिल रही थी। सुलभ श्रीवास्तव ने मौत की धमकी मिलने के दो दिन बाद पुलिस को शिकायत भी दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और 13 जून को एक ईंट भट्ठे के पास उन्हें मृत पाया गया था। पत्रकार के परिवार का दावा है कि उनकी हत्या की गई है। वहीं पुलिस ने कहा है कि उनकी मौत रोड एक्सीडेंट से हुई है।

सुलभ श्रीवास्तव ने अपने पत्र में लिखा है, 'मेरे चैनल द्वारा 9 जून को चलाए जा रहे न्यूज पोर्टल पर जिले में शराब माफिया के खिलाफ मेरी एक रिपोर्ट चल रही थी। तब से इस रिपोर्ट को लेकर काफी चर्चा है। जब मैं अपना घर छोड़ता हूं तो मुझे लगता है कि कोई मेरा पीछा कर रहा है ... मैंने अपने स्रोतों से सुना है कि शराब माफिया मेरी रिपोर्टिंग से नाखुश हैं और मुझे नुकसान पहुंचा सकते हैं। मेरा परिवार भी बहुत चिंतित है।"

2. पत्रकार मनीष सिंह की लाश मिली थी झील से

2. पत्रकार मनीष सिंह की लाश मिली थी झील से

सुदर्शन टीवी के पत्रकार मनीष सिंह लापता होने के तीन दिन बाद 10 अगस्त 2021 को बिहार के पूर्वी चंपारण में मृत पाए गए थे। उसका शव मथलोहियार गांव की एक झील से बरामद किया गया था। मनीष के पिता संजय सिंह ने दिप्रिंट को बताया कि, ''उन लोगों द्वारा रची गई साजिश का संदेह था, जिनके खिलाफ मैंने और मेरे बेटे ने रिपोर्टिंग की थी।'' संजय ने यह भी कहा कि उन्हें और मनीष को धमकी मिली थी क्योंकि उन्होंने "जिहादी दुश्मन और भ्रष्टाचार" के खिलाफ लिखा था। संजय के मुताबिक, मनीष के पास अमरेंद्र नाम के एक अन्य पत्रकार का फोन आया था और वह 7 अगस्त को दोपहर में बाहर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा।

3. आंध्र प्रदेश में हुई 35 वर्षीय पत्रकार की हत्या

3. आंध्र प्रदेश में हुई 35 वर्षीय पत्रकार की हत्या

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में ईवी5 से जुड़े 35 वर्षीय पत्रकार चेन्नाकेसवालु को 8 अगस्त 2021 को कथित तौर पर एक निलंबित पुलिसकर्मी और उसके भाई ने मार डाला था। पुलिसकर्मी वेंकट सुब्बैया को पत्रकार की तरफ से उसके और मटका जुआरी और तंबाकू तस्करों के बीच एक संदिग्ध सांठगांठ को उजागर करने वाली एक समाचार रिपोर्ट के बाद अपने पद से निलंबित कर दिया था।

पत्रकार चेन्नाकेसवालु की मौत से एक महीने पहले उसके यू-ट्यूब चैनल पर रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी और निलंबित पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर उन्हें मारने की साजिश रची थी। पत्रकार की रिपोर्ट के दो हफ्ते बाद वेंकट सुब्बैया को जांच के बाद निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

4. अविनाश झा: पुलिस का दावा- 'लव अफेयर' की वजह से हुई हत्या

4. अविनाश झा: पुलिस का दावा- 'लव अफेयर' की वजह से हुई हत्या

आरटीआई कार्यकर्ता और बीएनएन न्यूज के पत्रकार 24 वर्षीय अविनाश झा 9 नवंबर 2021 को लापता हो गए थे और उनका आंशिक रूप से जला हुआ शरीर तीन दिन बाद बिहार के मधुबनी जिले के बाहरी इलाके में बरामद किया गया था। पुलिस ने दावा किया कि हत्या के पीछे एक लव अफेयर था।

5. रमन कश्यप की ड्यूटी पर हुई थी मौत

5. रमन कश्यप की ड्यूटी पर हुई थी मौत

33 वर्षीय साधना टीवी प्लस के रिपोर्टर रमन कश्यप की मौत अक्टूबर 2021 लखीमपुर खीरी में भड़की हिंसा में दौरान हुई थी। इसकी मौत को सीपीजे ने अपनी रिपोर्ट में 'जोखिम भरे असाइनमेंट' के दौरान हुई मृत्यु बताया है। एसआईटी की एक टीम 3 अक्टूबर की इस घटना की जांच कर रही है, जिसमें कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं को ले जा रहे वाहनों की चपेट में आने से चार किसानों सहित आठ लोगों की जान चली गई थी। अन्य पीड़ितों में दो भाजपा कार्यकर्ता और उनका ड्राइवर था।

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