आतंकी यासीन मलिक कड़ी सुरक्षा के बीच जेल की अलग सेल में रहेगा, नहीं करना होगा काम: जेल अधिकारी
नई दिल्ली, 26 मई। कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों बढ़ावा देने से जुड़े कई गंभीर मामलों में दोषी पाए जाने के बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आतंकी यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जेल में उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाएगा। तिहाड़ जेल अधिकारी के अनुसार यासीन को पहले ही तरह जेल की अलग सेल में ही रहना होगा।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आतंकी फंडिंग के एक मामले में यासीन मलिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि दोषी यासीन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को भारत संघ से जबरदस्ती तोड़ना था। विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने सख्त आतंकवाद विरोधी कानून-गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) और आईपीसी के तहत अपराधों के लिए मलिक को अलग-अलग जेल की सजा सुनाई। हालांकि मामले में एनआईए की मौत की सजा की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
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दो मामलों में उम्रकैद की सजा
कोर्ट ने यासीन को दो मामलों में उम्रकैद की सजा और 10 लाख रुपए के जुर्माने के साथ और 10 मामलों में दस साल सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। यासीम मलिक आतंकी फंडिंग के मामले में दोषी हैंथ ऐसे में वे पैरोल या फरलो का हकदार नहीं हैं। वहीं पिछली सुनवाई के दौरान मलिक ने कहा कि वो अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का मुकाबला नहीं कर रहे हैं। वे उच्च न्यायालयों में सजा को चुनौती भी नहीं दे सकते क्योंकि उन्होंने खुद को हर तरह से दोषी ठहराया है।
13000 कैदियों से अलग रखे जाएंगे यासीन मलिक
तिहाड़ जेल के अधिकारियों के अनुसार जेल के अन्य कैदियों से यासीन मलिक को अलग रखा जाएगा। उन्हें अलग सेल में रहना होगा। जेल में अन्य कैदियों से दूर रखने के लिए उन्हें कोई काम भी नहीं दिया जाएगा। उन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। बता दें कि इससे पहले भी आतंकी यासीन को जेल की अलग सेल में ही रखा गया था।












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