बहुत ही तेजी से फैलता है XBB.1.16,देश में ओमिक्रॉन के नए रूप के बारे में जानिए
XBB.1.16: कोरोना का यह नया रूप देश में तेजी से फैल रहा है। इसे बहुत ही ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है। कुछ राज्यों में इसके कई मामले सामने आ रहे हैं। कोविड अनुरूप व्यवहार आवश्यक है।

भारत में एक महीने में कोरोना के मामलों में 9 गुना बढ़ोतरी हुई है। महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली ,हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। गुरुवार को देश में कोविड के मामलों में 140 दिनों का रिकॉर्ड टूटा है और 1,300 मामलों की बढ़ोतरी हो गई है। कोविड के मामले बढ़ने में इसके नए वेरिएंट XBB.1.16 का भी रोल माना जा रहा है, जिसके सबसे ज्यादा मामले भारत में ही बताए जा रहे हैं। यह बहुत ही तेजी से फैलना वाला अत्यधिक संक्रामक वेरिएंट है। आइए इस वेरिएंट के बारे में अबतक की पूरी डिटेल जानते हैं।

तेजी से बढ़ रहे हैं XBB.1.16 के मामले
देश में फिर से कोरोना के नए मामलों की संख्या में रोजाना बढ़ोतरी देखी जा रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन एसएआरएस-सीओवी-2 जिनोमिक्स कंसॉर्शिअम के आंकड़ों के अनुसार इनमें से कोरना के नए वेरिएंट XBB.1.16 के 349 मामलों का पता चला है। महाराष्ट्र में 105, तेलंगाना में 9, कर्नाटक में 61 और गुजरात में 54 मामले पाए गए हैं। भारत में इसके पहले दो मामले जनवरी में मिले थे। इसे अबतक का सबसे संक्रामक वेरिएंट माना जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि XBB.1.16 के फरवरी में 140, मार्च में अबतक 207 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं।

कितना संक्रामक है XBB.1.16 वेरिएंट ?
XBB.1.16 वेरिएंट को इसलिए खतरे की तरह देखा जा रहा है कि क्योंकि यह तेजी से फैल रहा है और बहुत ही ज्यादा संक्रामक है। XBB.1.16 वायरस (मुख्य तौर पर ओमिक्रॉन )का पुनः संयोजन वंश (recombinant lineage) है और कोरोना के XBB वंश का वंशज है। एक्सपर्ट इसको लेकर इसलिए ज्यादा सावधान हैं कि यह इम्यूनिटी को चकमा देने में माहिर है। वास्तविकता है कि 2021 के अंत में जब से कोविड-19 का ओमिक्रॉन वेरिएंट पैदा हुआ, यह अपने उच्च प्रसार के लिए कुख्यात रहा है। XBB.1.16 के ज्यादा संक्रामक होने की वजह एक्सपर्ट ये बता रहे हैं कि इसमें कुछ अतिरिक्त स्पाइक म्यूटेशन है।

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XBB.1.16 के लक्षण क्या हैं ?
अभी तक XBB.1.16 की वजह से ज्यादा गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। इसके लक्षणों में ज्यादतर सांस से संबंधित हैं। नाक बंद होना, सिरदर्द और गले में खराश के अलावा बुखार, मांसपेशियों का दर्द भी लक्षण के तौर पर नजर आ रहे हैं, जो कि तीन से चार दिनों तक रहते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। वैसे एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादातर मामलों में मरीज बिना किसी ज्यादा उपचार के स्वस्थ हो जाते हैं।

कोविड अनुरूप व्यवहार जरूरी
दिल्ली स्थित एम्स के पूर्व निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि लगता है, जो कोविड के मामलों में इजाफा हो रहा है, वह XBB.1.16 वेरिएंट की वजह से ही है। वह नेशनल कोविड टास्क फोर्स की अगुवाई कर चुके हैं। उनका कहना है कि कोविड अनुरूप बर्ताव से ही संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी समझाया है कि ज्यादातर मामलों में बीमारी गंभीर नहीं हो रही है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।

ऐसे मामलों में ज्यादा सावधानी जरूरी
हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बुजुर्ग मरीज, जिनको पहले से गंभीर बीमारियां उन्हें अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता है। जानकारों का कहना है कि XBB.1.16 का प्रकोप कम से कम 12 देशों में सामने आ चुका है, जिसमें भारत में सबसे अधिक केस हैं। इसके बाद अमेरिका, ब्रुनेई, सिंगापुर और यूनाइटेड किंगडम का नाम है।













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