'उनको बंदूक देकर मणिपुर भेज दीजिए', CJI पर टिप्पणी करने वाले लेखक बद्री शेषाद्रि गिरफ्तार
राजनीतिक विश्लेषक और लेखक बद्री शेषाद्रि ने हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिस पर तमिलनाडु पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ धारा 153, 153A और 505(1)(B) के तहत मामला दर्ज हुआ था।
दरअसल शेषाद्रि ने एक यूट्यूब चैनल को इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने मणिपुर हिंसा को लेकर सीजेआई पर तंज कसा। जिसके बाद से उनकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। उनके खिलाफ एक वकील ने शिकायत भी दर्ज करवाई थी। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई की है।

शेषाद्रि ने इंटरव्यू में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आप (सरकार) कुछ नहीं कर सकते, तो हम (कोर्ट) करेंगे। आइए चंद्रचूड़ को बंदूक दें और उन्हें वहां भेजें। देखते हैं कि क्या वो शांति बहाल कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मणिपुर एक पहाड़ी और जटिल क्षेत्र है। वहां हत्याएं होंगी। हम हिंसा होने से नहीं रोक सकते।
पुलिस के मुताबिक वकील कवियारासु ने शेषाद्रि के बयान को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें उन्होंने कहा कि वो 22 जुलाई को यूट्यूब पर इंटरव्यू देख रहे थे। जिसमें शेषाद्रि ने सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई चंद्रचूड़ की आलोचना की थी। ऐसे में वो पुलिस के पास आए और कार्रवाई की मांग की।
बीजेपी ने साधा निशाना
वहीं बीजेपी ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बताया है। मामले में तमिलनाडु बीजेपी चीफ अन्नामलाई ने कहा कि उनकी पार्टी शनिवार सुबह तमिलनाडु पुलिस द्वारा प्रसिद्ध प्रकाशक और मंच वक्ता बद्री शेषाद्रि की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करती है। ये भ्रष्ट द्रमुक सरकार आम लोगों के विचारों को संबोधित करने की शक्ति के बिना केवल गिरफ्तारी पर भरोसा कर रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद CJI ने की थी टिप्पणी
आपको बता दें कि 3 मई से मणिपुर में हिंसा जारी है। वहां पर 4 मई को दो महिलाओं को नग्न करके घुमाया गया। जिसका वीडियो 19 जुलाई को जारी हुआ। इसका सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। साथ ही सरकार को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने ये भी कहा था कि अगर राज्य सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो वो कड़ी कार्रवाई करेंगे।












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