Wrestlers Protest: जंतर-मंतर पर पहलवानों के धरने में शामिल हुए नवजोत सिद्धू, जानिए क्या कहा?
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू सोमवार को जतंर-मतंर पहुंचे और पहलवानों को धरने में शामिल हुए। इस दौरान नवजोत सिंह सिद्दू ने कहा कि यह लड़ाई "हर महिला के सम्मान, अखंडता और गरिमा" के लिए है।

Navjot Singh Sidhu News: महिला पहलवानों के शोषण मामले में पिछले 9 दिनों से पहलवान रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। पहलवानों के धरने में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू सोमवार 01 मई की सुबह-सुबह शामिल हुए।
इस दौरान कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्दू ने पहलवानों से बातचीत की और पूछा कि एफआईआर में देरी क्यों हुई? सिद्दू ने कहा कि प्राथमिकी को सार्वजनिक न करना यह दर्शाता है कि FIR हल्की है और शिकायतकर्ता की शिकायत की पुष्टि नहीं करती है। मंशा संदिग्ध है और मकसद अभियुक्तों की रक्षा करना है।
कांग्रेस नेता सिद्धू ने कहा कि पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज केस गैर जमानती है। इसमें अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि यह लड़ाई "हर महिला के सम्मान, अखंडता और गरिमा" के लिए है। इस दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस ने WFI के अध्यक्ष को हिरासत में लेकर पूछताछ का भी आग्रह किया।
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि जिस अधिकारी ने एफआईआर में देरी की, उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 166 के तहत मुकदमा क्यों नहीं चलाया जा रहा है। क्योंकि, वह प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बाध्य था, जो सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी बनाम यूपी सरकार के फैसले के अनुसार एक संज्ञेय अपराध के मामले में अनिवार्य है।
Recommended Video
सिद्धू ने सवाल किया कि पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले गैर जमानती हैं...अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं? क्या ऊंचे और ताकतवर लोगों के लिए कानून अलग है? विचाराधीन व्यक्ति प्रभाव और प्रभुत्व की स्थिति में क्यों बना रहता है जो किसी के भी करियर को बना और बिगाड़ सकता है?
उनके नेतृत्व में एक निष्पक्ष जांच असंभव है। राष्ट्र समझता है कि समिति का गठन केवल देरी और विचलन है। सार्थक जांच के लिए आगे बढ़ने और सच्चाई को उजागर करने का एकमात्र तरीका 'हिरासत में पूछताछ' है, बिना इसकी निष्पक्ष जांच बेमानी है।
इस दौरान सिद्धू ने कहा कि यह लड़ाई हर महिला के सम्मान, अखंडता और गरिमा के लिए है। एक समाज जो महिलाओं का सम्मान नहीं करता है वह नीचे की ओर जा रहा है।
यदि उच्च सम्मान और उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं के साथ देश का गौरव बढ़ाने के लिए इतना घिनौना व्यवहार किया जाता है तो कल्पना कीजिए सड़कों पर उन लोगों का भाग्य? जिनके मत से बनती है सरकारें, खेल जगत के चमकते हुए सितारे, सड़कों पे दर बदर भटक रहे बेचारे।












Click it and Unblock the Notifications