World Tuberculosis Day 2023: 30 लाख साल पहले से दुनिया में मौजूद है TB बीमारी, जानिए टीबी डे का इतिहास?
World Tuberculosis (TB) Day 2023: टीबी एक गंभीर, संक्रामक और बैक्टीरिया से होने वाली घातक बीमारी है। जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और संक्रमित व्यक्ति के लिए जानलेवा हो सकती है।

World Tuberculosis (TB) Day 2023: दुनियाभर में आज 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस यानी वर्ल्ड टीबी डे मनाया जाता है। विश्व टीबी दिवस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसको लेकर सतर्क रहने के हर साल मनाया जाता है। टीबी को ट्यूबरकुलोसिस, क्षय रोग, तपेदिक नामों से भी जाना जाता है।
वैश्विक टीबी महामारी से निपटने के लिए समय-समय पर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल संयुक्त राष्ट्र इस दिन को मनाने का आह्वान करता है। 24 मार्च 1882 को डॉ. रॉबर्ट कोच ने तपेदिक जीवाणु की खोज की थी। इसलिए हर साल 24 मार्च को ही विश्व क्षय रोग दिवस मनाया जाता है।
क्या है TB बीमारी?
टीबी की बीमारी एक जीवाणु के कारण होने वाला घातक संक्रमण है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। टीबी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर हवा में निकलने वाली छोटी बूंदों से आसानी से फैलता है। यानी टीबी पैदा करने वाला बैक्टीरिया किसी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलता है।
भले ही इस बीमारी की खोज 1882 में हुई और जोहान शोनेलिन ने 1834 में "तपेदिक" शब्द को लोकप्रिय बनाया था। लेकिन माना जाता है कि यह बीमारी उससे पहले तीन मिलियन यानी 30 लाख से अधिक वर्षों से दुनिया में मौजूद थी और अस्तित्व में थी।
बैक्टीरिया के कारण होने वाली टीबी के लक्षण ज्यादातर प्रभावित लोगों में दिखाई नहीं देते हैं। उनमें बहुत ही सामान्य लक्षण खांसी (कई बार खून की), खून की कमी, बुखार और रात को पसीना आना दिखाई देता है।
क्या है इस साल की वर्ल्ड TB डे की थीम?
साल 2023 की वर्ल्ड TB डे की थीम है - "Yes! We can end TB!" (हां, हम टीबी को खत्म कर सकते है) दुनियाभर में आज इसी थीम के साथ वर्ल्ड TB डे मनाई जाएगी। जिसका उद्देश्य है दुनिया भर के नेताओं से टीबी महामारी को रोकने के लिए कार्य करने का आग्रह करना।
टीबी को कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है
टीबी की बीमारी कई सालों से दुनिया में मौजूद है, इसलिए टीबी बीमारी को कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इस प्राचीन रोम में "phthisis", "tabes" कहा जाता है। इसे प्राचीन हिब्रू में "schachepheth" कहा जाता है। 1800 के दशक में टीबी को ''क्षय रोग'' कहा गया। वहीं गर्दन और लिम्फ नोड्स के टीबी के बारे में बताने के लिए इसे "scofula"नाम दिया गया है।
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