World Meteorological Day: 'कभी गुस्सा कभी रूमानियत', मौसम तय करता है मूड का मिजाज,जानिए IMD से जुड़ी खास बातें
विश्व मौसम विज्ञान दिवस के अवसर पर पूरे विश्व में सम्मेलन, सेमिनारऔर कार्यशालाएं आयोजित की जाती है, जिससे लोगों को पर्यावरण के बारे में ज्यादा से ज्यादा पता चले और वो जागरूक हों।

India Meteorological Department (विश्व मौसम विज्ञान दिवस): इंसान के दैनिक जीवन पर मौसम का काफी प्रभाव पड़ता है, मौसम का मिजाज बदला और व्यक्ति की सेहत बिगड़ जाती है। यहां तक कि केवल सेहत ही नहीं इंसान का मूड भी काफी हद तक मौसम पर निर्भर करता है। तेज और कड़ी धूप जहां इंसान को चिड़चिड़ा और क्रोधित बनाती है, वहीं दूसरी ओर हल्की बारिश और ठंडी हवाएं उसके मिजाज में रूमानियत भर देती, कभी सर्द मौसम व्यक्ति को आलसी बनाता है तो कभी पहाड़ों की बर्फबारी से इंसान शायर और शरारती बन जाता है।
मौसम के प्रति हर किसी को जागरूक होना जरूरी
कुल मिलाकर सार सिर्फ इतना है कि मौसम के प्रति हर किसी को जागरूक होना बेहद जरूरी है और इसी के मद्देनजर 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस मनाया जाता है, जिसके लिए दुनियाभर में आयोजन आयेजित किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि लोग पृथ्वी, पर्यावरण और जलवायु का महत्व समझे और प्रकृति को संवारने में मदद करें क्योंकि अगर ये सब स्वस्थ रहेंगे तो हम सभी भी सेहतमंद रहेंगे।
मौसम, जलवायु विज्ञान के बारे में जानकारी
आपको बता दें कि विश्व मौसम विज्ञान संगठन, जिसे कि अंग्रेजी में World Meteorological Organization कहते हैं, एक एजेंसी है जो कि मौसम, जलवायु विज्ञान के बारे में जानकारी देती है। इस बार इस दिवस की थीम 'द फ्यूचर ऑफ वेदर, क्लाइमेट एंड वाटर अक्रॉस जेनरेशन' है।
IMD देता है मौसम की जानकारी
भारत में मौसम की जानकारी India Meteorological Department जिसे कि शार्ट में IMD कहते हैं, देता है। जो सर्दी, गर्मी, बारिश, तूफान, लू, हिमपात, बर्फबारी, ओलावृष्टि और प्रदूषण के बारें में जानकारी मुहैया कराता है और वक्त-वक्त पर अलर्ट भी जारी करता है। इनका काम काफी कठिन होता है इसलिए हर किसी को इस विभाग के बारे में जरूर जानना चाहिए और समझना चाहिए मौसम के विज्ञान को, चलिए जानते है इस बारे में विस्तार से।
- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतरगत आता है।
- मौसम विभाग की स्थापना सर्वप्रथम 1844 में पुणे में हुई थी।
- साल 1875 में इसका नाम मौसम सर्वेक्षण अनुसंधान था।
- फिलहाल अभी इसका हेड ऑफिस नई दिल्ली में स्थित है।
- ये विभाग कम से कम सौ से ज्यादा प्रक्षेण स्टेशन चलाता है।
- इसके मौजूदा महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा है ।
- भारतीय मौसम विज्ञान आजादी के बाद 27 अप्रैल 1949 को विश्व मौसम विज्ञान संगठन का सदस्य बना था।












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