World Cup Mohali और केरल में क्यों नहीं? थरूर और TMC के सवाल पर BCCI ने कहा- सिर्फ साउथ में नहीं हो सकते मैच
World Cup Mohali में क्यों नहीं खेला जाएगा? वर्ल्डकप शेड्यूल सामने आने के बाद ये सवाल शशि थरूर और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता ने पूछा है। दोनों ने अहमदाबाद को तरजीह मिलने पर भी सवाल उठाए हैं।
शशि थरूर ने पूछा, अहमदाबाद भारत की क्रिकेट राजधानी बन रहा है, लेकिन विश्व कप में केरल से कोई मुकाबला नहीं। पंजाब के सांसद मनीष तिवारी ने पूछा, "मोहाली क्यों छोड़ें?"

दरअसल, 2023 का एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप भारत के अलग-अलग शहरों में खेला जाना है। कार्यक्रम की घोषणा के एक दिन बाद, विपक्षी नेताओं नेअहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम को दी गई प्राथमिकता पर सवाल उठाए हैं।
सियासी बयानों के कारण वर्ल्डकप की शुरुआत से पहले ही राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि शेड्यूल के अनुसार, उद्घाटन मैच और फाइनल दोनों नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होंगे।
पंजाब के सांसद मनीष तिवारी ने पूछा कि मोहाली में 2011 में भारत-पाकिस्तान सेमीफाइनल हुआ था, उस जगह की पूरी तरह से अनदेखी क्यों की जा रही है?
तृणमूल प्रवक्ता साकेत गोखले ने कहा कि यह सुनिश्चित करने का श्रेय बीसीसीआई सचिव जय शाह को जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह की कोशिश के कारण गुजरात को हमेशा अन्य राज्यों पर प्राथमिकता मिल रही है।
थरूर ने ट्वीट किया, "यह देखकर निराशा हुई कि तिरुवनंतपुरम का #SportsHub, जिसे कई लोग भारत में सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट स्टेडियम मानते हैं, #WorldCup2023 फिक्स्चर सूची से गायब है। अहमदाबाद देश की नई क्रिकेट राजधानी बन रहा है, लेकिन क्या केरल को एक या दो मैच आवंटित नहीं किए जा सकते थे?"
थरूर ने कहा, यह एक लंबा टूर्नामेंट है। वे खुशी को थोड़ा बेहतर तरीके से फैला सकते थे।' तिरुवनंतपुरम, मोहाली और रांची को विश्व कप मैच आयोजित करने का मौका दिया जाना चाहिए था। किसी एक वेन्यू को 4-5 मैच मिलना जरूरी नहीं है। यह बीसीसीआई की ओर से एक बड़ी गलती है।
पंजाब के खेल मंत्री गुरुमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि मोहाली को बाहर करना राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण है और पंजाब सरकार इस मुद्दे को बीसीसीआई के समक्ष उठाएगी।
बता दें कि 2021 में अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी स्टेडियम कर दिया गया। इसी बीच बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि इस बार कई नए स्थान जोड़े गए हैं जैसे लखनऊ और गुवाहाटी और दक्षिण के कई स्थान।
राजीव शुक्ला ने कहा, "पहली बार, विश्व कप के लिए 12 स्थानों को चुना गया है। इससे पहले, पिछले विश्व कप में इतने स्थानों को नहीं चुना गया था। इन 12 स्थानों में से, त्रिवेन्द्रम और गुवाहाटी में अभ्यास मैच आयोजित किए जाएंगे, बाकी स्थानों पर लीग मैच खेले जाएंगे।
उन्होंने कहा, अधिक केंद्रों को समायोजित किया गया है। दक्षिण क्षेत्र से चार स्थान, मध्य क्षेत्र से एक स्थान, पश्चिम क्षेत्र से दो स्थान, उत्तर क्षेत्र से दो स्थान। दिल्ली और धर्मशाला (उत्तर क्षेत्र में) मैचों की मेजबानी करेंगे।''
बीसीसीआई ने ये भी साफ किया है कि दक्षिण भारत को हमेशा प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, "बैंगलोर, हैदराबाद, चेन्नई जैसे दक्षिण में मैच हैं - कुल 10 स्थान होने चाहिए इसलिए सब कुछ दक्षिण में केंद्रित नहीं किया जा सकता।"
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्र के अनुसार, तिरुवनंतपुरम को आईसीसी क्रिकेट-विश्व-कप की मेजबानी करने का मौका नहीं मिला क्योंकि टूर्नामेंट के लिए केवल 10 स्थान हो सकते हैं। केवल दक्षिण क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित नहीं किया जा सकता। बैंगलोर, हैदराबाद, चेन्नई को आयोजन स्थल के रूप में चुना जा रहा है।












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