'2039 से पहले लागू नहीं हो सकता महिला आरक्षण', योगेंद्र यादव ने बताई 3 बड़ी वजहें
Women reservation bill kab aayega: महिला आरक्षण बिल यानी 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' लोकसभा में पेश होने के बाद से सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर ये बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो गया तो लागू कब से होगा?
विपक्ष जहां बिल में कोटे के अंदर कोटा दिए जाने की मांग कर रहा है, तो कुछ दलों का कहना है कि ये बिल मोदी सरकार का एक और जुमला है, क्योंकि ये 2029 तक ही लागू हो पाएगा। वहीं, अब राजनीतिक एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने कहा है कि महिलाओं के लिए आरक्षण 2039 से पहले संभव ही नहीं है।

योगेंद्र यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर ट्वीट करते हुए कहा, 'मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि महिला आरक्षण 2029 में लागू हो जाएगा। ये पूरी तरह से भ्रामक है। वास्तव में 2039 से पहले महिला आरक्षण लागू ही नहीं हो सकता। ज्यादातर मीडिया रिपोर्ट्स ने परिसीमन के सबसे अहम चरण को ही नजरअंदाज कर दिया है।'
योगेंद्र यादव ने तीन कारण कौन कौन से बताए?
योगेंद्र यादव ने आगे कहा, '2001 में संशोधित हुआ अनुच्छेद 82, ये कहता है कि 2026 के बाद पहली जनगणना के आंकड़े जारी होने से पहले परिसीमन नहीं हो सकता। और, वो केवल 2031 में ही हो सकता है। दूसरी बात- ज्यादातर विश्लेषक इस तथ्य को भी भूल गए कि परिसीमन आयोग अपनी फाइनल रिपोर्ट देने में तीन से चार साल तक का वक्त लेता है। इससे पहले वाले परिसीमन में पांच साल का वक्त लगा था। इसके अलावा एक और अहम बात, जनसंख्या के अनुपात में बदलाव के चलते आने वाला परिसीमन बहुत विवादित भी हो सकता है। इसलिए, हम लोग मान रहे हैं कि परिसीमन पर रिपोर्ट 2037 तक आएगी और इसे 2039 में लागू किया जा सकता है।'
आपको बता दें कि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश किया। उन्होंने कहा कि इस बिल के कानून बनने के बाद 15 साल तक महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। आज इस बिल पर लोकसभा में चर्चा हो रही है। कांग्रेस की तरफ से चर्चा की शुरुआत करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि वो चाहती हैं कि ये बिल जल्द से जल्द कानून बनकर लागू हो और साथ ही देश में जातीय जनगणना भी कराई जाए। हालांकि इससे पहले सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि ये बिल राजीव गांधी का सपना था।












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