जाट आंदोलन की आड़ में महिलाओं के साथ गैंगरेप, निर्वस्त्र करके खेतों में छोड़ा
नयी दिल्ली। सरकारी नौकरी में आरक्षण की मांग कर रहे आंदोलनकारियों ने हरियाणा में जमकर उपद्रव मचाया। तोड़-फोड़, आगजनी, मारपीट आम बात हो गई है। आंदोलन की आड़ में प्रदर्शनकारियों ने खूब लूटपाट मचाया। दुकानों और मॉलों में लूटपाट की तो वहीं प्रदर्शन के नाम पर महिलाओं को भी निशाना बनाया। सोनीपत के मुरथल के पास नेशनल हाईवे-1 पर प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं को निशाना बना उनके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। जाट आरक्षण आंदोलन से जुड़ी असहज करने वाली बातें
मुरथल के पास 30 से अधिक बदमाशों ने एनसीआर की तरफ जाने वालों को रोका, उनकी गाड़ियो में आग लगा दी और जाम का फायदा उठाकर 10 महिलाओं के साथ गैंगरेप की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। उपद्रवियो ने जाम के दौरान गाड़ियों में आग लगाना शुरु कर दिया। कुछ लोग तो भाग गए, लेकिन गाड़ी में सवार महिलाएं भाग नहीं सकी। प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी में सवार महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।
निर्वस्त्र करके खेतों में छोड़ा
चश्मदीदों की माने तो उपद्रवियों ने 10 महिलाओं के साथ गैंगरेप किए, उनके कपड़े फाड़ दिए और उन्हें खेतों में छोड़ दिया। इस खौफनाक वारदात की पीड़ित महिलाएं तब तक खेतों में पड़ी रहीं जब तक कि उनके पुरुष रिश्तेदार और पास के गांव के लोग कपड़े और कंबल लेकर नहीं आ गए। जाटों के ये हीरो उनसे कर रहे हैं शांति की अपील
घटना को दबाने के लिए जिला प्रशासन ने उन्हें शिकायत दर्ज कराने तक से मना कर दिया। उन्हें महिलाओंके सम्मान का हवाला देकर केस दर्ज न करवाने को कहा, लेकिन मीडिया में आई खबरों के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत संज्ञान लिया और पुलिस को फटकार लगाई। क्या है जाट आंदोलन? पढ़ें पूर्ण विवरण एवं इतिहास
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया है और इसे शर्मनाक बताया है। वहीं हरियाणा के डीजीपी य शपाल सिंघल ने इसे अफवाह करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की हमने खुद जांच करवाई है। वहीं हाईकोर्ट के जस्टिस संघी ने सीजेआई को इस घटना को शर्मनाक घटना करार देते हुए लिखा है कि प्रदर्शन के दौरान गैंगरेप जैसी घटनाएं सामने आना शर्मनाक है।












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