पीएम मोदी का ऐलान- अब महिलाओं को नहीं बदलवाना होगा पासपोर्ट पर अपना नाम
एक कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित करते वक्त पीएम नरेंद्र मोदी ने महिलाओं से जुड़ा बड़ा ऐलान किया है।
नई दिल्ली। शादी के बाद उपनाम बदल जाने पर महिलाओं को तमाम दस्तावेजी संकटों का सामना करना पड़ता है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ऐलान के बाद उनकी मुश्किलें कम हो जाएंगी।

नाम बदलना नहीं होगा जरूरी
गुरुवार (13 मार्च) को इंडियन मर्चेंट चैंबर्स की महिला शाखा को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं को अब शादी के बाद पासपोर्ट में नाम नहीं बदलवाना होगा। पीएम ने कहा कि अब महिलओं को पासपोर्ट के लिए शादी या तलाक का सर्टिफिकेट नहीं देना होगा। यह उनकी इच्छा पर निर्भर होगा कि वो पासपोर्ट पर मां या पिता किसका नाम रखना चाहेंगी।

महिलाओं में काम करने की क्षमता
इस दौरान पीएम ने कहा कि हाल ही में हमने मातृत्व बिल पास किया है, जिससे छुट्टियों की संख्या बढ़कर 12 से 26 हफ्ते हो जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के सर्वांगीण विकास में नारी शक्ति का बड़ा योगदान है। पीएम मोदी ने भारतीय व्यापारी चैंबर की महिला शाखा के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं में घर से निकलकर काम करने व संघर्ष करने की क्षमता है।

पांच करोड़ परिवारों को बनाया धुंआ मुक्त
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि घरों की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को रात में काम करने की सुविधा होनी चाहिए। पीएम ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में एक पार्टी सिलेंडर की संख्या को लेकर चुनाव लड़ रही थी लेकिन हमने सरकार बनते ही देश के 1 करोड़ 20 लाख परिवारों को गैस सिलेंडर दिया। पीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने 5 करोड़ परिवारों को धुआं मुक्त बनाया है।

2022 के लिए अभी से बनाएं लक्ष्य
पीएम ने कहा कि 2022 के लिए लोगों को अभी से अपना लक्ष्य बनाना चाहिए। उज्ज्वला योजना की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं की सबसे ज्यादा मदद की है। पीएम ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि 2022 में आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं ऐसे में अभी से अपना लक्ष्य तय करें और कुछ योगदान के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाएं।












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