थप्पड़ का ट्रेलर देख घरेलू हिंसा की शिकार महिला को आई हिम्मत, कहा-पति के खिलाफ कराऊंगी शिकायत
नई दिल्ली। अनुभव सिन्हा की फिल्म 'थप्पड़' का ट्रेलर शुक्रवार को रिलीज हो गया है। फिल्म 'आर्टिकल 15' और 'मुल्क' के बाद अनुभव सिन्हा ने 'थप्पड़' के साथ वापसी की है। फिल्म 'थप्पड़' 28 फरवरी, 2020 को रिलीज होगी। फिल्म में तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में है। ट्रेलर रिलीज होते ही यह अपनी कहानी को लेकर लगातार सुर्खियों में है। इस फिल्म के जरिए तापसी पन्नू महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं के प्रति जनता को जागरूक करने की कोशिश कर रही हैं। 'थप्पड़' के ट्रेलर को देख जहां सभी हैरान हैं, वहीं, सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में घरेलू हिंसा से पीड़ित एक महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही है।

इस वीडियो को एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने भी अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है। इस वीडियो में महिला कह रही है, "अगर मेरा पति मुझे मारेगा तो मैं भी मारूंगी और बाद में उसे पुलिस के पास लेकर जाऊंगी।" बता दें, यह महिला पहले भी पुलिस में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा चुकी है, हालांकि, बार-बार घरेलू हिंसा का शिकार होने के बावजूद भी ये महिला अपने पति के पास वापस आ जाती थी। लेकिन फिल्म 'थप्पड़' के ट्रेलर को देख एक बार फिर इस महिला में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा हुई है।
एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने महिला के इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "इससे मेरी आंखों में आंसू आ गए हैं। हम में से कई महिलाएं चुपचाप दिन-रात इन सब चीजों को सहती रहती हैं। कोई भी 'मजबूरी' जहर से भरे जीवन जीने के लिए बड़ी नहीं होती। उम्मीद करती हूं कि यह इसको अब चुपचाप नहीं सहेगी बल्कि इसके लिए कुछ जरूर करेगी।"
क्या और कितने तरह की होती है घरेलू हिंसा?
प्रिवेंशन ऑफ़ डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट 2005 (घरेलू हिंसा की रोकथाम अधिनियम 2005) के तहत घरेलू हिंसा चार तरह की होती है।
- शारीरिक हिंसा- किसी भी तरह की शारीरिक तकलीफ, दर्द या ज़िन्दगी को खतरा हो, तो ये शारीरिक हिंसा हुई. डराना और धमकाना भी इसका एक हिस्सा है।
- यौन हिंसा- यौन हिंसा वो है, जिसमें किसी भी औरत के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचे, उनको बेइज्ज़त किया जाए या उनके प्राइवेट पार्ट्स पर हमला हो।
- भावनात्मक शोषण- भावनात्मक शोषण वो होता है, जैसे लड़की पैदा होने पर गाली-गलौच करना, मज़ाक करना या तंज कसना. या ऐसी कोई भी बात करना जो किसी को मानसिक तौर पर परेशान करे।
- आर्थिक दुर्व्यवहार- आर्थिक दुर्व्यवहार वो है, जब महिला को रोज़मर्रा के खर्चे के लिए पैसे नहीं दिए जाते, ना ही बच्चों के पालन-पोषण के लिए कुछ दिया जाता है। जिन चीजों पर किसी का हक़ है, वो उससे ले लिया जाए। अगर महिला नौकरी नहीं करती, पैसों के लिए अपने पति पर निर्भर है और वो पति उसे पैसे देना बंद कर दे, जिससे महिला को रोज़ तकलीफ पहुंच रही हो, ये भी हिंसा ही है।












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