Wolf Terror: दुनिया में कितनी नस्ल के होते हैं भेड़िए? कौन कितना खूंखार? जानें भारत में किसका आतंक?
Wolf Terror Attack: 'भेड़िया' बेहद ही क्रूर और चालक शिकारी। यह एक ऐसा प्राणी है, जो अक्सर झुंड में रहकर रात के समय शिकार पर निकलता है। इसका डीएनए कुत्तों से 99 फीसदी मेल खाता है। यह 15 किमी से अधिक दूरी पर भी आवाज को सुन लेता है।
खास बात यह है कि भेड़ियों की संख्या दुनिया भर में कम हो रही है, जिसका कारण उनके आवास का नाश, शिकार, और मानव-भेड़िया संघर्ष है। भारत में भेड़ियों की संख्या बहुत कम है, और उन्हें संरक्षित किया जा रहा है। इस बीच भेड़ियों का आतंक इंसानों के लिए मौत का तांडव से कम नहीं है।

इन दिनों उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के महसी तहसील में 'भेड़िए' का खौफ छाया हुआ है। अब तक 35 गांवों में लोगों, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे, को अपना निशाना बना चुका है। इतना ही नहीं, यूपी के साथ बिहार में भी 'भेड़िया' अपना कहर बरपा रहा है। ऐसे में सभी के जेहन में सवाल उठना लाजमी है कि दुनिया में कितनी नस्ल के भेड़िए होते हैं? कौन कितना खूंखार है? भारत में किस नस्ल का आतंक है? आइए जानते हैं सभी सवालों के जवाब...
दुनिया में कितनी नस्ल के भेड़िए होते हैं?
ग्रे वुल्फ (Gray Wolf)
- वैज्ञानिक नाम: Canis lupus
- स्थान: यूरोप, एशिया, और उत्तरी अमेरिका
- विशेषताएं: सबसे बड़ी और सबसे अधिक ज्ञात नस्ल। यह 80 से 100 पाउंड वजन का हो सकता है और इसका रंग हल्के भूरे से काले तक होता है। यह अत्यधिक सामाजिक और झुंड में रहने वाला प्राणी है।
- खूंखारपन: ग्रे वुल्फ अपने आकार और झुंड में शिकार करने की क्षमता के कारण खतरनाक माने जाते हैं, लेकिन यह मनुष्यों पर हमला करने से बचते हैं।

आर्कटिक वुल्फ (Arctic Wolf)
- वैज्ञानिक नाम: Canis lupus arctos
- स्थान: आर्कटिक क्षेत्र, विशेष रूप से उत्तरी कनाडा और ग्रीनलैंड
- विशेषताएं: सफेद फर, जो इसे बर्फीले इलाकों में छिपने में मदद करता है। यह 75 से 95 पाउंड तक वजन का हो सकता है।
- खूंखार: कठोर मौसम और सीमित भोजन के कारण यह भूखा होने पर खतरनाक हो सकता है, लेकिन आमतौर पर मनुष्यों से दूर रहता है।

रेड वुल्फ (Red Wolf)
- वैज्ञानिक नाम: Canis rufus
- स्थान: दक्षिण पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका
- विशेषताएं: लाल-भूरा फर, आकार में ग्रे वुल्फ से छोटा। यह अत्यधिक संकटग्रस्त प्रजाति है।
- खूंखार: आकार में छोटा होने के कारण यह उतना खतरनाक नहीं होता, लेकिन जब यह खतरे में होता है, तो यह आक्रामक हो सकता है।

इथियोपियन वुल्फ (Ethiopian Wolf)
- वैज्ञानिक नाम: Canis simensis
- स्थान: इथियोपिया के पहाड़ी क्षेत्र
- विशेषताएं: यह आकार में छोटा और लंबी टांगों वाला होता है, जिसका रंग लाल-भूरा होता है। यह मुख्य रूप से छोटे स्तनधारियों का शिकार करता है।
- खूंखार: दुर्लभ और संकटग्रस्त होने के कारण, यह मनुष्यों के लिए बड़ा खतरा नहीं है।

तिब्बती वुल्फ (Tibetan wolf)
- वैज्ञानिक नाम: Canis lupus laniger
- स्थान: चीन के गांसु, किंगहाई और शीचांग (तिब्बत) के क्षेत्र।
- विशेषताएं: लंबे तीखे चेहरे, उभरी हुई भौंहों, चौड़े सिर, बड़े नुकीले कान। लंबाई 45 इंच (110 सेमी)। ऊंचाई 30 इंच (76 सेमी)। गहरे भूरे रंग का।
- खूंखार: तिब्बती भेड़िया भूरे भेड़िये की एक उप-प्रजाति है। यह खतरा महसूस होने पर ही होते हैं खूंखार।
भारतीय भेड़िया (Indian Wolf)
- वैज्ञानिक नाम: Canis lupus pallipes
- स्थान: भारत, पाकिस्तान, ईरान, और इजराइल
- विशेषताएं: ग्रे वुल्फ से छोटा, पतला, और हल्के भूरे रंग का होता है। इसका वजन लगभग 40 से 60 पाउंड होता है।
- खूंखार: यह सबसे ज्यादा सतर्क और सामाजिक होता है। यह कभी-कभी इंसानी बस्तियों के पास आ जाता है, जिससे यह खतरनाक हो सकता है।

भारत में भारतीय भेड़िया (Indian Wolf) का आतंक:
भारतीय भेड़िया भारत के विभिन्न हिस्सों में पाया जाता है, विशेष रूप से ग्रामीण और वन क्षेत्रों में। यह अक्सर गांवों के नजदीक बकरियों, भेड़ों, और अन्य घरेलू पशुओं पर हमला करता है, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए यह एक गंभीर समस्या बन गया है।
भारत और दुनिया में भेड़ियों की संख्या कितनी?
भारत में संख्या (2020-21): भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) और वन्यजीव संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ (IUCN) के मुताबिक, भारत में भारतीय भेड़िया (Indian Wolf) की संख्या लगभग 3,100 से 3,500 के बीच अनुमानित है।
दुनिया में संख्या(2022):
- ग्रे वुल्फ (Gray Wolf): IUCN के अनुसार, लगभग 2,00,000 से 3,00,000 के बीच अनुमानित।
- रेड वुल्फ (Red Wolf): US Fish and Wildlife Service (USFWS) के मुताबिक, लगभग 20-30 रेड वुल्फ अब केवल संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ संरक्षित क्षेत्रों में बचे।
- आर्कटिक वुल्फ (Arctic Wolf): IUCN के अनुसार, लगभग 2,000 से 3,000 के बीच!
- इथियोपियन वुल्फ (Ethiopian Wolf): इथियोपियाई भेड़िया संरक्षण कार्यक्रम (EWCP) और IUCN के अनुसार, लगभग 500 से कम बचे।
भेड़ियों का सामाजिक व्यवहार:
भेड़िये सामाजिक जानवर होते हैं और वे झुंड में रहते हैं। एक झुंड में एक नेता भेड़िया होता है, जो झुंड का नेतृत्व करता है। भेड़िये अपने झुंड के साथ मिलकर शिकार करते हैं और अपने क्षेत्र की रक्षा करते हैं।
क्या गीदड़, सियार, भेड़िया, लोमड़ी और जरख एक ही होते हैं?
गीदड़ को ही सियार कहा जाता है। जरक, भेड़िया, लोमड़ी , गीदड़ ये सभी कुत्ते की जातियों का उपसमूह है। यानी कि ये सभी एक ही वंश के प्राणी है। आइए अंतर समझें...
- गीदड़: स्वभाव से शर्मिला और डरपोक होता है। गीदड़ ऊंची जमीन में गुफा की खुदाई करते हैं या चट्टानों के दरारों में भी रहते है। यें खेतों में गन्ने, वनस्पति, चूहे, छोटे छोटे जीव और चिड़िया को खाकर जीवन व्यतीत करता है।
- भेड़िया : भेड़िया मांसाहारी और सामाजिक जानवर है, जो अपने समूह या परिवार के अस्तित्व के लिए यह खुद की भी जान दे देते है। इसका डीएनए कुत्तों से 99 फीसदी मेल खाता है। भेड़िया बेहद ही क्रूर और चालक शिकारी होते है, जो अक्सर झुंड में रहकर रात के समय शिकार पर निकलते है। भेड़िया की ताकत उसके जबड़े में होती है, साथ ही यह पंजो पर दौड़ता है। यह 15 किमी से अधिक दूरी पर भी आवाज को सुन लेता है।
- लोमड़ी: इसके समान चतुर और लालक जानवर दुनिया में नही है। लोमड़ी जंगल, पहाड़ों पर घास के मैदानों में रेगिस्तान और बर्फीले इलाकों में भी पाई जाती है। लोमड़ी कुत्ते कि ही प्रजाति की एक नस्ल है, जो आकार में छोटी होती है और अकेले रहना पसंद करती है।
- जरक/लकड़बग्गा/हाइना : इसका जबड़ा और दांत शक्तिशाली होते है, जो लकड़ी या पत्थर को भी तोड़ सकते है। वह जानवरों की हड्डियां तक भी खा जाता है। इनको समूह में रहना पसंद है इसलिए लकड़बग्घे हमेशा अपनी प्रजाति के साथ समूह बनाकर रखते हैं।
कौन-कौन से संस्थान भेड़ियों पर करते हैं डाटा तैयार?
- Indian Wildlife Institute (WII): भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा समय-समय पर भारतीय भेड़ियों की संख्या पर रिपोर्ट तैयार की जाती है।
- International Union for Conservation of Nature (IUCN): यह संगठन विश्व भर में वन्यजीवों की स्थिति का मूल्यांकन करता है और उनकी संख्या के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
- US Fish and Wildlife Service (USFWS): संयुक्त राज्य अमेरिका में भेड़ियों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए जिम्मेदार है और उनकी जनसंख्या पर आंकड़े उपलब्ध कराता है।
- Ethiopian Wolf Conservation Programme (EWCP): इथियोपियन वुल्फ के संरक्षण के लिए काम करने वाला प्रमुख संगठन है और इसकी संख्या पर विश्वसनीय आंकड़े प्रदान करता है।
नोट- ये आंकड़े समय-समय पर बदल सकते हैं। इसलिए वनइंडिया इसपर दावा नहीं करता है।
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