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क्या धूर्त बिल्डरों पर चलेगी मोदी की छड़ी?

By Vivek
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Will Narendra Modi take action against fraud builders?
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। केन्द्र में एनडीए सरकार के गठन के बाद रीयल एस्टेट कंपनियों का कामकाज सुधरने की उम्मीद लगाई जा रही है। सरकार ग्राहकों को परेशान करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएंगी। शहरी विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार इस बाबत गंभीर है और शीघ्र ही कोई ठोस कदम उठाएगी।

दरअसल रीयल एस्टेट कंपनियों के ग्राहक बिल्डरों के झूठे वादों के कारण परेशान हो रहे हैं। उन्हें तय वक्त पर घर की डिलीवरी नहीं हो रही। अब सिर्फ यही उम्मीद है कि नरेन्द्र मोदी सरकार उन लोगों के लिए अच्छे दिन लाने की तरफ गंभीरता से पहल करेगी,जो अपने घर की डिलीवरी के लिए परेशान हैं,बिल्डरों के दफ्तरों के धक्के खा रहे हैं।

अंधेर मचा रखा है बिल्डरों ने

बिल्डरों के कामकाज का हिसाब रखने वाली संस्था प्रॉप इक्विटी के एक अध्ययन के मुताबिक, एनसीआर के बिल्डरों ने तो अंधेर मचा कर रखी है। इनमें से ज्यादातर वादा करने के बाद भी अपने कस्टमर्स को वक्त पर घर नहीं दे रहे।

प्रॉप इक्विटी के हेड समीर जसूजा कहते हैं कि एनसीआर में ज्यादातर प्रोजेक्ट की डिलवरी में 19 से 25 महीनों की देरी हो रही है। फरीदाबाद में 25 महीने, गाजियाबाद में 19 महीनें,ग्रेटर नोएडा में 24 महीने,गुड़गांव में 22 महीने और दिल्ली में 22 महीने के देरी से काम हो रहा है। जाहिर है, यह सारी स्थिति उन तमाम लोगों के लिए बेहद कष्टदायी है,जो अपने घर की डिलवरी का इंतजार कर रहे हैं।

75 फीसदी तक पूरे हो चुके अपार्टमेंट में ही लें फ्लैट

इस बीच, रामप्रस्थ डवलपर्स के सीईओ निखिल जैन कहते हैं कि अगर आप अपना घर लेना चाह रहे हैं तो उसी प्रोजेक्ट में फ्लैट करवाएं जहां पर काम लगभग 75 फीसद हो गया हो या फिर काम की रफ्तार तेज हो। अगर आप इस बात का ध्यान नहीं रखते तो आपको नुकसान हो सकता है। आप बिल्डर के खिलाफ कहां तक लड़ेंगे। बहरहाल, एक बात साफतौर पर देखने में आ रही है कि अब बहुत से कस्टमर्स री-सेल बाजार से भी घर खरीदने लगे हैं। यहां पर कम से कम बिल्डरों के खोखले वादों से तो इंसान दो-चार नहीं होता। वैसे भी अब नए-पुराने घर सभी घरों पर लोन मिलने लगा है।

मकानों की सेल में सुस्ती

आईएलडी डवलपर्स के मैनेजिंग डायेरक्टर अलीमउद्दीन रफी अहमद कहते हैं, 'मार्केट में घरों की सप्लाई काफी है और घर खरीदने वालों के लिए काफी विकल्प हैं। कीमतों में जल्द बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं। रियल्टी की कीमतों में तेजी में कुछ समय मिलेगा। पिछले डेढ़ साल से होम सेल्स में सुस्ती है और डिवेलपर्स को कैश की मुश्किल से जूझना पड़ रहा है। इनवेंटरी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

वे मानते हैं कि सरकार को उन डवलपर्स के खिलाफ कठोर रुख अपनाना होगा जो वक्त पर घरों के डिलवरी ना देने से लेकर अपने प्रोजेक्ट्स पर घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करते हैं।

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English summary
It goes without saying that large number of customers of realty firms facing tough time due to late delivery of flats.
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