क्या समलैंगिक अमेरिकी राजदूतों को गिरफ्तार करेगा भारत

यह ध्यान देने योग्य है कि देशों के राजनायिक संबंध वियना कंवेंशन फार डिप्लोमेट और वियना कंवेंशन फार कांसुलर रिलेशंस के अन्तर्गत आते है। जिसमें प्रावधान है कि अगर एक देश किसी दूसरे देश के राजनयिक के खिलाफ कार्यवाईकरता है तो दूसरा देश अपने कानून के अन्तर्गत उसी देश राजनायिक के खिलाफ कार्यवाई कर सकता है। एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि वाशिंगटन पर सिर्फ कड़ी कार्यवाई का असर होता है। दस साल पहले अमेरिका ने भारतीय राजनयिकों को टैक्स में दी गई छूट को वापस ले लिया, जिसके बाद भारत सरकार ने भी अमेरिकी राजनयिकों टैक्स में दी गई छूट वापस ले ली।
अमेरिकी दूतावास ने जब इस पर याचिका दाखिल की तो भारत ने जवाब दिया कि अमेरिकी राजनयिकों को तभी टैक्स में लाभ मिल सकता है जब भारतीय राजनयिकों को अमेरिका में लाभ दिया जाए। जिसके बाद वाशिंगटन ने नरम रूख अपनाया। अधिकारियों का कहना है कि भारत को कड़ी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
न्यूयॉर्क में भारतीय राजनयिक देवयानी खोब्रागाडे को अमेरिकी वीजा नियमों का उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तार किया गया, उन्हें हथकड़ी लगाई गयी और उनकी तलाशी ली गई। जिसे लेकर भारतीय राजनेताओं में रोष है। कल गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इनकार कर दिया, वहीं भाजपा नेता यशवंत सिंहा ने भी अमेरिका के रूख पर कड़ी आपित्ति जताई थी।












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