'बहुमत का नियम' लागू करेगा चुनाव आयोग, 'असली' शिवसेना पर SC के फैसले के बाद बोले CEC राजीव कुमार

गांधीनगर, 27 सितंबर: 'असली' शिवसेना पर फैसला लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिल जाने के बाद चुनाव आयोग ने कहा है कि वह इस मामले में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाएगा। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा है कि चुनाव आयोग इस मामले में 'बहुमत का नियम' लागू करेगा। सीईसी का यह बयान सुप्रीम कोर्ट की ओर से उसे मामले में फैसला लेने की अनुमति मिलने के बाद आया है। गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट की याचिका को खारिज कर दिया था और आयोग को सीएम एकनाथ शिंदे गुट के 'असली' शिवसेना वाले आवेदन पर विचार करने को कह दिया था।

CEC Rajiv Kumar has said that the Election Commission will take a decision in a transparent manner in the case of the real Shiv Sena and under the rule of majority

'बहुमत का नियम' लागू होगा- 'असली' शिवसेना पर बोले सीईसी
चुनाव आयोग ने कहा है कि वह 'असली' शिवसेना के मामले में फैसला पारदर्शी तरीके से और 'बहुमत का नियम' के तहत लेगा। चुनाव आयोग को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट की ओर से दायर उस आवेदन पर विचार करना है, जिसमें उनकी ओर से उनके गुट को 'असली' शिवसेना के रूप में मान्यता देने और पार्टी का चुनाव चिन्ह तीर-धनुष दिए जाने की मांग रखी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे गुट के इसी आवेदन पर फैसला करने के लिए मंगलवार को चुनाव आयोग को इजाजत दे दी है, जिसे शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के लिए झटका माना जा रहा है।

हम बहुत ही पारदर्शी प्रक्रिया से तय करते हैं- सीईसी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, 'एक स्थापित प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया हमें अधिकार देता है और हम बहुत ही पारदर्शी प्रक्रिया से तय करते हैं और 'बहुमत का नियम' लागू करके तय करते हैं। हम जब भी इसपर विचार करते हैं तो 'बहुमत का नियम' लागू करते हैं। यह फैसले (सुप्रीम कोर्ट के) को सही से पढ़ने के बाद किया जाएगा।' मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में गांधीनगर में थे और उसी दौरान उन्होंने यह बात कही है।

सुप्रीम कोर्ट से लग चुका है उद्धव कैंप को झटका
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव ठाकरे कैंप को झटका देते हुए एकनाथ शिंदे गुट की ओर से चुनाव आयोग को दिए गए आवेदन पर फैसला लेने से रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने चुनाव आयोग को शिंदे गुट के आवेदन पर विचार करने की अनुमति दी है। इस बेंच में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल थे। अदालत ने कहा कि 'हम निर्देशित करते हैं कि भारत के चुनाव आयोग के सामने प्रक्रिया पर कोई स्टे नहीं है।' यह कहकर सर्वोच्च अदालत ने उद्धव ठाकरे गुट की याचिका को खारिज कर दिया, जिनके पक्ष में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने खूब दलीलें दी थीं।

लोकतंत्र में बहुमत महत्वपूर्ण है-एकनाथ शिंदे
सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक बेंच के फैसले पर महाराष्ट्र के सीएम ने एक टीवी चैनल से कहा, 'लोकतंत्र में बहुमत महत्वपूर्ण है और हमारे पास राज्य विधानसभा के साथ-साथ लोकसभा में भी बहुमत है। देश में जो भी फैसले लिए जाते हैं, वह संविधान पर आधारित होते हैं; यह फैसला भी उसी के आधार पर है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है.....कोर्ट अलग मामलों पर फैसला करता है और चुनाव आयोग भिन्न मामलों पर निर्णय लेता है। ' सीएम ने यह भी कहा कि 'संविधान विशेषज्ञों का भी मानना है कि हमने जो भी फैसला किया है, वह गलत या गैरकानूनी नहीं है। '

उधर शिवसेना के उद्धव गुट के नेता अनिल देसाई ने कहा है कि 'हम चुनाव आयोग में लड़ाई जीतने के लिए तैयार हैं।' पार्टी के एक और नेता चंद्रकांत खैरे ने कहा है कि वो अदालत के आदेश का सम्मान करते हैं और चुनाव आयोग में सबूत पेश करेंगे।

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