BJP President: नया अध्यक्ष, नया इतिहास? 45 साल का रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद, संगठन चुनावों में क्यों हो रही देरी
BJP President Update News: भारतीय जनता पार्टी (BJP) में जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बड़ा बदलाव हो सकता है। मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पहले जनवरी 2023 में खत्म होना था, लेकिन इसे जून 2024 तक के लिए बढ़ा दिया गया था। अब स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2025) के बाद नए अध्यक्ष की घोषणा की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 15 अगस्त के बाद BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम सामने आ सकता है।
इसी बीच एक खबर और सामने आ रही है कि इस बार भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष राजस्थान से हो सकता है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स ('पत्रिका') के मुताबिक, इस बार भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष राजस्थान से हो सकता है। 45 साल के इतिहास में अब तक कोई अध्यक्ष इस राज्य से नहीं बना है। राजस्थान से जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, वे हैं अर्जुन राम मेघवाल, भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल। हालांकि कुछ रिपोर्ट में वसुंधरा राजे का भी नाम लिया गया है।

भाजपा में बदलाव की बयार चल रही है। 45 वर्षों में पहली बार ऐसा हो सकता है कि पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष राजस्थान से बने। हालांकि, संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
अगर सूत्रों की मानें तो भाजपा अध्यक्ष की रेस में जो नाम सबसे आगे हैं, उनमें केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री, वर्तमान में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वरिष्ठ भाजपा नेता बीडी शर्मा है। इनमें से दोनों नामों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा और अमित शाह में सहमति भी बनी थी। लेकिन संघ ने उसको फिलहाल मंजूरी नहीं दी है।
भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में देरी क्यों हो रही है?
राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए पार्टी ने संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी के चुनाव प्रभारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि उत्तर प्रदेश, गुजरात समेत 10 राज्यों में चुनाव प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा, "अभी तक कोई अंतिम तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन जल्द यह चुनाव पूरा होगा।"
डेक्कन हेराल्ड के मुताबिक यूपी, गुजरात, हरियाणा और कर्नाटक जैसे राज्यों में संगठनात्मक चुनावों में देरी का मुख्य कारण है -अंतरकलह और एक ठोस अध्यक्षीय चेहरा न होना।
🔹 उत्तर प्रदेश
यहां के 90 में से 78 जिलों में चुनाव हो चुके हैं, लेकिन अंदरूनी मतभेदों और लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन कमजोर रहने के कारण चुनाव की प्रक्रिया धीमी हुई है। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में अब यहां OBC चेहरे को राज्य अध्यक्ष बनाने की बात चल रही है।
🔹 कर्नाटक
यहां BY विजयेंद्र को राज्य अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन लिंगायत समुदाय के बीच उनका असर उतना नहीं माना जा रहा। कई वरिष्ठ नेता उनके बदले चेहरे की मांग कर रहे हैं।
🔹 गुजरात और मध्य प्रदेश
गुजरात में चुनाव दो महीनों से चल रहे हैं, लेकिन राज्य अध्यक्ष के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही। वहीं मध्य प्रदेश में हाल ही में प्रक्रिया पूरी हुई है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि 15 अगस्त के बाद नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जा सकती है। हालांकि, अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।












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