महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार आज,अजित पवार बनेंगे डिप्टी सीएम, सस्पेंस बरकरार
मुंबई। महाराष्ट्र में आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने वाले हैं, मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि सोमवार को 36 नए मंत्रीउद्धव ठाकरे मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं, जिसमें अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, हालांकि अभी भी पवार को लेकर सस्पेंस बरकरार है क्योंकि हाल ही में जब एनसीपी चीफ शरद पवार से अजीत पवार के उप-मु्ख्यमंत्री बनने को लेकर सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया था।

अजित पवार बनेंगे डिप्टी सीएम?
इनके अलावा सूत्र ये भी कह रहे हैं कि एनसीपी की ओर से नवाब मलिक, जितेंद्र अवध, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुशरीफ, बाबासाहेब पाटिल, राजेंद्र सिंगले, धनंजय मुंडे और अनिल देशमुख भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। अभी जो स्थिति है उसके मुताबिक महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अलावा शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के दो-दो मंत्री शामिल हैं।

अभी क्या है ताजा स्थिति
अगर 36 नए मंत्री शपथ लेते हैं तो तो इसके साथ ही उद्धव मंत्रिमंडल में कांग्रेस के मंत्रियों की संख्या 12, एनसीपी के मंत्रियों की संख्या 16 और मुख्यमंत्री समेत शिवसेना के मंत्रियों की संख्या 15 हो जाएगी, जिनमें से कांग्रेस के 10 कैबिनेट मंत्री होंगे और 2 राज्यमंत्री होंगे, जबकि एनसीपी के 12 कैबिनेट मंत्री होंगे और 4 राज्यमंत्री होंगे, इसके अलावा शिवसेना के 15 मंत्रियों में से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, 11 कैबिनेट मंत्री और 3 राज्यमंत्री होंगे।

कैसे बनी सरकार
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 शिवसेना और भाजपा ने मिलकर लड़ा था, जिसमें शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को बहुमत भी मिला था, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच टकराव पैदा हो गया था और इसके बाद शिवसेना ने बीजेपी से गठबंढन तोड़ दिया और उन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया और वो एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन करने लगी, तभी इसी बीच भाजपा नेता और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी नेता अजित पवार के साथ मिलकर अचानक सूबे में सरकार बना ली थी देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
फिर बनी शिवसेना-एनसपी और कांग्रेस की सरकार!
तो अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था लेकिन इसके बाद एनसीपी उग्र रूप में आ गई थी, उसने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई और तुरंत फौरन फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फौरन फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था, जिसके बाद बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा पाने पर देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके बाद उद्धव ठाकरे और शरदपवार और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बना ली और उद्धव ठाकरे सीएम बने।












Click it and Unblock the Notifications