पारदर्शिता लाना था तो नाम क्यों छुपाया? इलेक्टोरेल बॉन्ड पर फिर से बोले राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर इलेक्टोरल बॉन्ड पर सवाल उठाया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के ताजा इंटरव्यू में इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर दिए गए जवाब पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड अगर पारदर्शिता लाने के लिए लाया गया था तो इममें नाम क्यों छुपाया गया था। राहुल ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी हफ्ता वसूली की योजना है।

राहुल ने कहा, 'ये नरेंद्र मोदी का आइडिया था। वे कहते हैं कि राजनीति में पारदर्शिता लाने के लिए ऐसा किया गया था। अगर ये पारदर्शिता लाने के लिए किया गया तो इसमें नाम क्यों छुपे थे? जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डेटा सामने आना चाहिए, इसे कौन रोक रहा था? क्यों रोक रहा था?'
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी का काम असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना, अमीर उद्योगपतियों की रक्षा करना और उनके बैंक कर्जों को माफ करना है। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी भारत में पांच-छह बड़े अमीर उद्योगपतियों की कठपुतली हैं।
इससे पहले एएनआई को दिए गए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को लेकर 'झूठ फैलाने' का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि 'आगे चलकर जब ईमानदारी से सोचेंगे तो सभी पछताएंगे'। पीएम मोदी ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड का उद्देश्य चुनाव में काला धन खत्म करना था लेकिन विपक्ष को सिर्फ आरोप लगाकर भाग जाना है।
पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे देश में लंबे अरसे से चर्चा चल रही है कि चुनाव में काले धन का बहुत बड़ा खतरनाक खेल चल रहा है। देश के चुनावों को काले धन से मुक्ति मिले इसके लिए कुछ करना चाहिए। चुनाव में खर्च होता ही है और लोगों से पैसे लेने ही पड़ते हैं। मैं चाहता था कि हम कुछ कोशिश करें कि इस काले धन से हमारे चुनाव को मुक्ति मिले। मेरे मन में एक प्रामाणिक और पवित्र विचार था। हम रास्ते खोज रहे थे फिर हमें एक रास्ता मिला। संसदीय बहस में सभी ने उसे सराहा भी था।'












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