Video: जब भारतीय छात्र ने पूछा ओबामा से, पाक को क्यों नहीं घोषित करते आतंकी देश
मुंबई। अमेरिका ने पाकिस्तान को राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान अगर सीमा पार से कोई भी हरकत की तो उसे सख्त अंजाम भुगतना पड़ेगा। पाकिस्तान के प्रति अमेरिका का नजरिया शुरू से ही पल में तोला पल में माशा वाला रहा है। बराक ओबामा अपनी दूसरी भारत यात्रा पर आ रहे हैं और ऐसे में उनकी पहली भारत यात्रा की यादें जेहन में ताजा हो गई हैं।

आखिर क्यों अमेरिका के लिए अहम है पाक?
वर्ष 2010 में ओबामा नई दिल्ली के बजाय मुंबई पहले पहुंचे थे और यहां पर उन्होंने सेंट जेवियर कॉलेज में कुछ छात्रों को संबोधित किया और फिर उनके कुछ सवालों का जवाब भी दिया था। ओबामा उस समय एक सवाल को सुनकर क्लीन बोल्ड हो गए थे जब उनसे पाकिस्तान पर एक सवाल एक भारतीय छात्रा ने किया था।
आशीन र्इरानी नाम की एक छात्र ने ओबामा से सवाल किया था पाकिस्तान, अमेरिका इतना क्यों अहम है कि अभी तक इसे आतंकी राष्ट्र घोषित नहीं किया जा सका है। इस पर ओबामा का जवाब था कि पाक एक रणनीतिक देश है जो न सिर्फ अमेरिका के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए काफी अहम है। यह एक ऐसा देश है जिसके देशवासियों में काफी क्षमता है।
आतंकियों का वजूद पाक से
ओबामा ने यह भी कहा कि पाक एक ऐसा देश भी है जहां पर कुछ ऐसे चरमपंथी तत्व भी हैं जो पाक के लिए नए नहीं हैं बल्कि उनका वजूद सिर्फ पाक की वजह से ही है। ओबामा की मानें तो पाक सरकार भी इस बात से वाकिफ है।
उनकी सरकार पाक के साथ लगातार इस मुद्दे पर बातचीत करती आई है कि वह पाक में एक स्थायी व्यवस्था के पक्षधर हैं और साथ ही साथ यह भी चाहते हैं कि यहां से सभी चरमपंथी ताकतों का सफाया हो।
चरमपंथ पाक के लिए कैंसर
ओबामा ने उस समय कहा था कि अमेरिका ने पाक को यह बात साफ कर दी है कि यह चरमपंथी तत्व पाक के लिए एक कैंसर की तरह हैं। आतंकवाद की वजह से पाक में सबसे ज्यादा लोग मरते हैं। ओबामा ने इस दौरान नॉर्थ वेस्ट पाक के उस हिस्से का जिक्र भी किया था जहां पर सबसे ज्यादा आतंकियों को शरण मिली हुर्इ है।
यह बात ओबामा ने अल कायदा के सरगना और 9/11 के साजिशकर्ता ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के पहले कही थी। साथ ही साथ ओबामा ने भारत और पाक के बीच विवाद में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था।
उन्होंने साफ कहा था कि अगर पाक स्थिर होगा तो यह भारत के लिए बेहतर होगा लेकिन यहां पर अस्थिरता और चरमपंथी तत्व भारत की तरक्की और समृद्धशीलता के लिए नुकसानदायक हैं। ओबामा ने दोनों देशों के बीच बातचीत का समर्थन करते थे।












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