महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख की वजह से उद्धव ठाकरे भाजपा के निशाने पर क्यों हैं? जानिए
नई दिल्ली- महाराष्ट्र में उद्धव मंत्रिमंडल के विस्तार के एक दिन बाद ही कांग्रेस कोटे से मंत्री बने विधायक असलम शेख को लेकर विवाद छिड़ हो गया है। भाजपा ने उनकी वजह से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसके पीछे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 2015 में उनकी लिखी एक चिट्ठी है, जिसमें उन्होंने आतंकवादी याकूब मेमन की फांसी की सजा माफ करने की मांग की थी। हालांकि, शेख का कहना है कि बीजेपी असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मामले उठा रही है। आइए जानते हैं कि असलम शेख ने उस चिट्ठी में लिखा क्या था, जिसको लेकर भाजपा उद्धव को बैकफुट पर लाना चाहती है।

असलम शेख के बहाने भाजपा के निशाने पर उद्धव
सोमवार को महाराष्ट्र में उद्धव सरकार के कैबिनेट विस्तार में जिन 36 विधायकों को जगह मिली है, उसमें कांग्रेस के 10 विधायक शामिल हैं। इस विस्तार में पहली बार राज्य में कुल चार मुस्लिम विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिला है, जिसमें मुंबई की मलाड विधानसभा से कांग्रेस विधायक असलम शेख भी शामिल हैं। लेकिन, अब इसी नाम के चलते उद्धव ठाकरे विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के निशाने पर हैं। पार्टी आरोप लगा रही है कि उद्धव सत्ता मोह में सबकुछ भूल गए हैं। क्योंकि, शेख के साथ एक पुराना विवाद जुड़ा हुआ है और बीजेपी उसी के जरिए शिवसेना सरकार को बैकफुट पर लाने की कोशिश करने में जुट गई है। ये विवाद है 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों के दोषी आतंकी याकूब मेमन की फांसी की सजा माफी करने के लिए चिट्ठी लिखने का।
किरीट सोमैया ने असलम पर उद्धव को घेरा
जबसे सोशल मीडिया पर असलम शेख की ओर से 2015 में लिखी वह कथित चिट्ठी वायरल हो रही है, भाजपा ने आरोप लगाना शुरू कर दिया है कि उद्धव सत्ता मोह में सबकुछ भूल गए हैं। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने तो असलम शेख के देशद्रोही होने तक का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने एक वीडियो मैसेज ट्वीट करके दावा किया है कि, "2015 के अधिवेशन में असलम शेख ने याकूब मेमन की मौत की सजा माफ करने की मांग की थी, इसलिए भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना विधायकों ने 6 बार महाराष्ट्र विधानसभा का अधिवेशन स्थगित किया था और असलम शेख को देशद्रोही कहा था। अब असलम शेख उद्धव सरकार में मंत्री बन गए।"

असलम शेख ने बीजेपी पर लगाया मुद्दों से भटकाने का आरोप
वहीं असलम शेख का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनकी जो चिट्ठी वायरल की जा रही है, उसके पीछे भारतीय जनता पार्टी का ही हाथ है। असलम शेख ने कहा है कि भाजपा राज्य में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने में नाकाम रही है इसलिए असल मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह की बातें कर रही है। उन्होंने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि, "जो नाथूरा गोडसे का मंदिर बनाते हैं वही मेरे खिलाफ आरोप (आतंकवाद पर नरमी का) लगाते हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी। ये वो सब करने की कोशिश कर रहे हैं, जो ब्रिटिश भी नहीं कर पाए।"

क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि असलम शेख महाराष्ट्र के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने जुलाई 2015 में याकूब मेमन की फांसी की सजा माफ करने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को चिट्ठी लिखी थी। हालांकि, तब उनके साथ ही अन्य नेताओं की अपील राष्ट्रपति ने खारिज कर दी थी। बता दें कि उस समय मेमन को बचाने कि लिए पूरे देश में एक मुहिम चलाई गई थी और एक वक्त ऐसा भी आया था कि आतंकवादी की फांसी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट को भी देर रात में अदालत बुलाकर सुनवाई करनी पड़ी थी। बता दें कि याकूब मेमन 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों का दोषी था। बाद में 30 जुलाई, 2015 को नागपुर जेल में मेमन को फांसी दे दी गई थी।












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