क्‍यों एलओसी पर हुई सर्जिकल स्‍ट्राइक को भारत ने नहीं दिया कोई नाम

नई दिल्‍ली। 29 सितंबर को इंडियन आर्मी ने एलओसी पार मौजूद आतंकी कैंपों में मौजूद आतंकियों का सर्जिकल स्‍ट्राइक में खात्‍मा कर डाला। इस सर्जिकल स्‍ट्राइक को कोई नाम नहीं दिया गया और लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं कि क्‍या किसी सर्जिकल स्‍ट्राइक को कोई नाम देना चाहिए।

india-pakistan-surgical-strike.jpg

जरूरी नहीं था कोई नाम देना

बड़े सर्जिकल ऑपरेशन को अक्‍सर कोई न कोई दिया जाता है। इसका सबसे अहम उदाहरण है अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को खत्‍म करने वाली सर्जिकल स्‍ट्राइक। इस स्‍ट्राइक को ऑपरेशन नेप्‍च्‍यून स्‍पीयर नाम दिया गया था।

हालांकि कई लोगों का कहना है कि इंडियन आर्मी की सर्जिकल स्‍ट्राइक को कोई नाम न देना एक अच्‍छा फैसला रहा। कई अधिकारियों की मानें तो इस सर्जिकल स्‍ट्राइक को कोई नाम देना जरूरी नहीं था।

एक प्रक्रिया के तहत चुना जाता है नाम

उनका कहना है कि किसी सर्जिकल ऑपरेशन को नाम देने के लिए एक प्रक्रिया होती है और इसका पालन हर किसी को करना होता है।

जो लोग इस तरह के खास मिशन की योजना तैयार करते हैं, वही इसके लिए कुछ नामों का सुझाव देते हैं। इसके बाद ऑपरेशन कमांडर इस नाम के लिए मंजूरी देता है।

क्‍यों नहीं सोचा गया कोई नाम

28 और 29 सितंबर को जो सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई उसके लिए समय जरा भी नहीं था। पाकिस्‍तान को जल्‍दी और जरूरी जवाब देना काफी अहम था। ऐसे में समय और संसाधनों को ऑपरेशन की योजना में लगाया गया।

इसके अलावा सेना नहीं चाहती थी कि इस ऑपरेशन को सफलता से अंजाम देने से पहले इसकी कोई फाइल तैयार हो।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि जल्‍द ही इस सर्जिकल स्‍ट्राइक को कोई नाम दिया जाएगा। लेकिन अभी तुरंत इसे कोई नाम नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही इस ऑपरेशन में शामिल लोगों के नाम भी सार्वजनिक करने में समय लगेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+