तो दाऊद की भी सुषमा जी मानवीय आधार करें मदद
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) सुषमा स्वराज संसद को संबोंधित करते हुए बहुत भावुक हो गई थीं। देश की संसद को ललकारते हुए कहा कि अगर मानवीय आधार पर मदद करना गुनाह है तो वो गुनाहगार है।
उनके ललित मोदी की पत्नी को लेकर मानवीय रुख पर वरिष्ठ पत्रकार धीरेन्द्र पुढ़ीर कहते है कि जब दाऊद इब्राहिम की बहन की मौत हुई तब सुषमा जी मंत्री नहीं थी, तो एक सुरक्षित कॉरिडोर बनवा देती। दाऊद उनके लिए बहुत दुआएं मांगता। रोज आतंकवादी सीमा पार कर हमले कर रहे है। कल तक पानी पी पीकर कोसने वाले बेचारे राष्ट्रवादी लगता है उनका पलक पावंडे़ बिछा कर इंतजार कर रहे है।
सरकार राष्ट्रवादियों की
सरकार राष्ट्रवादियों की है लिहाजा हर कोई पवित्र हो रहा है। शर्म से शब्द नहीं मिलते है। गिडगिडा कर कश्मीर में शांति की खोज हो रही है। पाकिस्तान में हाफिज सईद के छींकने भर पर पर पाकिस्तान से बातचीत तोड़ने का मशविरा देने और नारे लगाने वाले भाजपाईयों को अब पाकिस्तान के साथ बात करना रास आ रहा है।
अपनी इस मुराद को पूरा करने के लिए दाऊद को भारत में मरना होगा
मां-बेटे की पार्टी
मां-बेटे की पार्टी बताने वाले नायक को अब भगवान से आगे रखने में एक दूसरे से होड़ कर रहे है। क्या किया जा सकता है। सिर्फ एक छलावे की कहानी दिख रही है। किसी नई नीति की अब उम्मीद नहीं है। सुषमा जी के शानदार भाषण के साथ ही इस बात की उम्मीद खत्म हुई कि चुल्लु भर नैतिकता तो बची हुई होगी।













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